किसान आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने एक पुस्तिका जारी की है. इस पुस्तिका में मोदी सरकार ( Modi Government) का सिखों से कितना गहरा नाता रहा है, ये जताने की कोशिश की गई है. पुस्तिका का नाम है- 'पीएम मोदी और उनकी सरकार का सिखों के साथ विशेष संबंध.'
तस्वीरों से भरी इस किताब के पहले चैप्टर में ही पीएम मोदी के एक महत्वपूर्ण फैसले का जिक्र है, जिसमें दरबार साहब एफसीआए का पंजीकरण प्रदान कर दिया गया.
इसमें बताया गया है कि दशकों से लटकी पड़ी ये मांग सितंबर 2020 मे पीएम मोदी ने पूरी की. अब दुनिया भर की संगत श्रीदरबार साहेब, अमृतसर के साथ अपने संबंधों को प्रगाढ बना सकता है और अब वे हजारों मील दूर बैठकर भी सेवा में भाग ले सकते हैं.
कुल 19 चैप्टर्स वाली इस पुस्तक में मोदी सरकार और सिख समुदाय के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों का जिक्र है, साथ ही मोदी सरकार के सिखों के हित में लिए गए फैसलों का भी विवरण है.
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दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर जो किसान आंदोलन कर रहे हैं, उनमें से अधिकतर किसान पंजाब-हरियाणा के सिख-पंजाबी किसान हैं, ऐसे में इस पुस्तिका के जारी होने के कई मायने निकाले जा रहे हैं. मालूम हो कि कृषि कानून के मसले पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कच्छ दौरे के बीच कई सिख किसानों से मुलाकात की थी. बता दें कि कच्छ जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट करीब पांच हजार से अधिक सिख परिवार रहते हैं.
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