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गुजरात: BJP में आकर हार्दिक पटेल दिख रहे शांत, कांग्रेस में माने जाते थे फायर ब्रांड

हार्दिक पटेल का पिछले 1 महीने में ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया. यहां तक कि हार्दिक पटेल बीजेपी के किसी भी कार्यक्रम में भी नहीं दिखे हैं. बीजेपी जॉइन करने के बाद हार्दिक पटेल ना नुपुर शर्मा पर बोले. ना ही उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के मसले पर बात की है.

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हार्दिक पटेल ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन की है.
हार्दिक पटेल ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन की है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सिर्फ सोशल मीडिया पर ही एक्टिव हैं हार्दिक पटेल
  • उपेक्षा करने का आरोप लगाकर छोड़ी थी कांग्रेस

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने महीनेभर पहले बीजेपी जॉइन कर ली है. उन्होंने कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व पर उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया था. बीजेपी में शामिल होने के बाद हार्दिक पहले जैसे एक्टिव नहीं दिख रहे हैं. एक समय कांग्रेस में हार्दिक को फायर ब्रांड नेता माना जाता था. हार्दिक अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे हमला बोलते थे. लेकिन, अब कांग्रेस छोड़ने के बाद पुरानी पार्टी पर हमला करने से बचते देखे जा रहे हैं.
 
दरअसल, 2017 में चुनाव से पहले पाटीदार आंदोलन ने हार्दिक पटेल को एक नई पहचान दी और समाज ने उनको इस आंदोलन में पूरा समर्थन दिया. यही वजह मानी जाती है कि पाटीदार समाज के विरोध के चलते बीजेपी 100 का आंकडा पार नहीं कर पाई थी. बाद में उसी पाटीदार समाज के नेता हार्दिक ने कांग्रेस जॉइन की तो बीजेपी के खिलाफ ऐसे बयान दिए कि उन्हें फायर ब्रांड नेता के तौर पर जाने जाना लगा. 

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कांग्रेस पर हमलावर नहीं दिख रहे हार्दिक

हार्दिक पटेल अपने हर बयान में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या फिर अमित शाह पर हमला करते थे. लेकिन अब हार्दिक पटेल ने बीजेपी जॉइन कर ली है और 1 महीने से ज्यादा वक्त हो गया है, लेकिन उनकी कांग्रेस को लेकर बेबाक बयानबाजी फिलहाल देखने को नहीं मिल रही है. माना जा रहा है कि बीजेपी ने उन्हें कटडाउन कर दिया है.

बीजेपी के कार्यक्रमों में भी नहीं दिख रहे

जानकार मानते हैं कि हार्दिक पटेल का पिछले 1 महीने में ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया. यहां तक कि हार्दिक पटेल बीजेपी के किसी भी कार्यक्रम में भी नहीं दिखे हैं. बताते चलें कि बीजेपी को कैडरबेस पार्टी कहा जाता है. यहां किसी को किस कार्यक्रम में बुलाना है और उन्हें क्या और कितना बोलना है- ये सब पार्टी तय करती है. 

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हार्दिक पटेल

बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है...

बीजेपी जॉइन करने के बाद हार्दिक पटेल ना नुपुर शर्मा पर बोले. ना ही उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के मसले पर बात की है. एक वरिष्ठ पत्रकार का मानना है कि बीजेपी की यह एक रणनीति का हिस्सा है. जो विरोधी मजबूत होता है. उसे पहले अपने साथ जोड़ा जाता है. फिर उस पर इतनी पाबंदी लगा दी जाती है कि वो खुद ही अपनी पकड़ खोता जाता है. कांग्रेस से अब तक बीजेपी में आए ज्यादातर नेताओं का यही हाल हुआ है.
 
वहीं, हार्दिक पटेल अब सिर्फ सोशल मीडिया पर ही दिखाई दे रहे हैं. इससे पहले हार्दिक पटेल कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष थे और उनका कहना था कि पार्टी में उन्हें कोई काम नहीं करने दिया जाता है. 

सिर्फ सोशल मीडिया पर एक्टिव

हार्दिक पटेल अब ज्यादातर सोशल मीडिया पर ही दिखाई देते हैं. हाल ही में उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बीजेपी के सदस्यता अभियान की पोस्ट की थी. जिस पर ज्यादातर पाटीदार समाज के युवा हार्दिक पटेल पर जमकर तंज कसते दिखते हैं. हार्दिक पटेल ने सोशल मीडिया पर अग्निपथ योजना को लेकर सरकार की तारीफ की. 

गुजरात बीजेपी में जगह बना पाना मुश्किल काम

सालों से बीजेपी को कवर करने वाले पत्रकारों का कहना है कि हार्दिक पटेल भले ही अपनी मर्जी से बीजेपी के साथ जुडे़, लेकिन गुजरात में बीजेपी की राजनीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह तय करते हैं. वैसे भी स्थानीय नेताओं के बीच हार्दिक को बीजेपी में खुद की जगह बना पाना मुश्किल साबित होना माना जा रहा है. 

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