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H3N2 से देश में अब तक 2 मौत, सरकार अलर्ट, बताया कब घटने लगेंगे इस वायरस के मामले

H3N2 वायरस से मौतों की संख्या बढ़ने से सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है. वह इसके केसों की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है. बताया जा रहा है कि H3N2 से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि दो मौतों की ही पुष्टि हो पाई है. वहीं केंद्र सरकार ने शुक्रवार शाम को एक बयान जारी कर वायरस से बढ़े तनाव को कम करने की कोशिश की है.

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H3N2 वायरस से कर्नाटक और हरियाणा में एक-एक शख्स की मौत की पुष्टि (सांकेतिक फोटो)
H3N2 वायरस से कर्नाटक और हरियाणा में एक-एक शख्स की मौत की पुष्टि (सांकेतिक फोटो)

देश में H3N2 वायरस (इन्फ्लूएंजा वायरस) से बढ़ी चिंता के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि रियल टाइम के आधार पर आईडीएसपी नेटवर्क के जरिए राज्यों में मामलों की निगरानी और ट्रैकिंग की जा रही है. मौसमी इन्फ्लुएंजा के H3N2 सबटाइप के मामलों की कड़ी निगरानी की जा रही है. मंत्रालय का दावा है कि मार्च के अंत तक मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामलों में कमी आने की उम्मीद है. वहीं मनसुख मंडाविया इन्फ्लुएंजा वायरस के बढ़ते मामलों पर समीक्षा बैठक की.

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इस वायरस से देश में अब तक 6 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है. हालांकि सरकार ने इस वायरस से कर्नाटक और हरियाणा में एक-एक मौत की पुष्टि की, बाकी चार लोगों की मौत की वजह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक, पंजाब और हरियाणा में H3N2 वायरस से मौत की बात सामने आई है. हालांकि, H3N2 से मौत की वजह का पता लगाने के लिए और जांच की जरूरत है. 

कर्नाटक के हासन में एक व्यक्ति की H3N2 वायरस से मौत की पुष्टि हुई है. मृतक मरीज की पहचान एच गौड़ा के तौर पर हुई है. वह 82 साल के थे. उन्हें 24 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 1 मार्च को उनकी मौत हो गई थी. इसके बाद उनके सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे गए थे. 6 मार्च को आईए रिपोर्ट में H3N2 की पुष्टि हुई है.

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 H3N2 वायरस के बढ़ते केसों पर मनसुख मंडाविया ने समीक्षा बैठक की

एक्सपर्ट ने खुद से इलाज न करने की दी सलाह

फोर्टिस अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के डॉ. विशाल गुप्ता का कहना है कि यह इन्फ्लुएंजा प्रदूषण एकत्र करने वाले कारकों के कारण भी फैल रहा है. ज्यादातर लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं. लोग इन्फ्लुएंजा के लक्षण मिलने पर खुद से दवाई ले रहे हैं, इससे ब्रोंकाइटिस जैसे मामले सामने आ रहे हैं. 

खांसी, गले में संक्रमण हैं इसके लक्षण

इस वायरस से बचने के लिए आईसीएमआर ने एडवाइजरी जारी की है. डॉक्टर्स के मुताबिक इन्फ्लुएंजा के अधिकतर मरीजों में एक जैसे लक्षण हैं. जैसे खांसी, गले में संक्रमण, शरीर में दर्द, नाक से पानी आना.

एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि H3N2 एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा वायरस है, जिसके मरीज हर साल इस समय सामने आते हैं. यह ऐसा वायरस है, जो समय के साथ म्यूटेट होता है. 

कोविड की तरह फैलता है यह इन्फ्लुएंजा वायरस

डॉ. गुलेरिया का कहना है कि यह इन्फ्लुएंजा वायरस ड्रॉपलेट्स के जरिए कोविड की तरह ही फैलता है. केवल उन लोगों को सावधान रहने की जरूरत है, जिन्हें पहले से ये बीमारी है. एहतियात के तौर पर मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं, फिजिकल डिस्टेंसिंग रखें. हालांकि इससे बचाव के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध है.

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ऊपरी रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को करता है प्रभावित

एम्स के मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर पीयूष रंजन बताया कि H3N2 ऊपरी रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को प्रभावित करता है. जैसे बुखार, खांसी, सर्दी, गले, नाक और आंखों में जलन का लंबे समय तक बने रहना. यह तेजी से फैल रहा है.

इम्यूनिटी बनाए रखने की दी जा रही सलाह

डॉ. विशाल गुप्ता का कहना है कि लोगों को अपनी प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखनी चाहिए और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर खुद को हाइड्रेटेड रखने के अलावा मास्क लगाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मरीज को ठंडे पानी, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक या तैलीय भोजन के इस्तेमाल से बचना चाहिए. लोगों को विटामिन सी और जिंक का सेवन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हर साल इन्फ्लूएंजा का टीका लेने से इस प्रकोप को रोकने में मदद मिल सकती है.

 

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