बीजेपी अगले महीने 9 अगस्त से हर घर तिरंगा अभियान शुरू करने जा रही है. पार्टी का लक्ष्य है कि 20 करोड़ से अधिक परिवार तिरंगा फहराएं. इसके अलावा हाट-बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग लगाने की भी योजना है. लेकिन इस अभियान पर भी राजनीति शुरू हो चुकी है. विपक्ष के कुछ नेता इसे सिर्फ शोशेबाजी और राजनीति से प्रेरित अभियान बता रहे हैं. इसी लिस्ट में अब जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला का नाम जुड़ गया है.
उन्होंने साफ कर दिया है कि बीजेपी द्वारा किसी को भी तिरंगा फहराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. किसी पर भी दबाव नहीं बनाया जा सकता. इससे पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी इस अभियान पर सवाल उठा दिए थे. उन्होंने कहा है कि अगर आपको तिरंगा फहराना भी है तो लद्दाख में वहां जाकर फहराएं जहां चीन ने अवैध तरीके से अपना कब्जा कर रखा है. लेकिन यहां भी बीजेपी ने राजनीति करने का काम कर दिया है. लोगों को झंडा फहराने की धमकी दी जा रही है, क्या यही नया कश्मीर है?
वैसे जानकारी के लिए बता दें कि बीजेपी देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर ये 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाने जा रही है. पार्टी ने 11 अगस्त से 13 अगस्त तक प्रत्येक वार्ड, गांव में 'रघुपति राघव राजा राम' भजन और वंदे मातरम के साथ प्रभात फेरी भी निकालने का भी लक्ष्य निर्धारित किया है. इस सब के अलावा बीजेपी इस मौके पर सभी महापुरुषों के स्टैच्यू और स्मारकों पर स्वच्छता अभियान भी चलाने वाली है. लेकिन विपक्ष इसे 'जबरदस्ती वाली देशभक्ति' बता रही है. उनकी नजरों में सिर्फ राजनीति के लिए ऐसा अभियान चलाया जा रहा है. उस आलोचना पर बीजेपी नेता गौरव भाटिया का कहना है कि विपक्ष सिर्फ हर घर अफजल की बात करता है.