रेप और मर्डर के संगीन मामले में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम की चालीस दिन की पैरोल आज खत्म होने जा रही है और अब वे वापस जेल जाएंगे. राम रहीम यूपी के बागपत में अपने बरनावा आश्रम से रोहतक की सुनारिया जेल जाएंगे. राम रहीम को पुलिस सुरक्षा के बीच जेल लाया जाएगा.
राम रहीम को ये परोल सतनाम शाह की जयंती मनाए जाने को लेकर मिली थी. बताते चले कि राम रहीम को बार बार परोल मिलने से हरियाणा सरकार पर सवाल उठ रहे हैं. राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दूसरी बार राम रहीम के हार्ड क्रिमिनल नहीं होने का हलफनामा दिया.
दरअसल, गुरमीत राम रहीम पैरोल पर है. बीते दिनों जब उसकी पैरोल के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. इस याचिका के जवाब में हरियाणा सरकार ने कोर्ट में ये दलील दी है. हरियाणा सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि राम रहीम को हत्याओं के सह-अभियुक्तों के साथ आपराधिक साजिश रचने के लिए दोषी ठहराया गया है. गुरमीत को रेप के केस में 10-10 साल की सजा हुई है. जबकि पूर्व डेरा मैनेजर रंजीत सिंह और पत्रकार रामचंद्र की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. इतना ही नहीं गुरमीत पर चार और आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें एक मामले में सीबीआई जांच कर रही है, जबकि बेअदबी के तीन मामले पंजाब में दर्ज हैं.
क्या होता है पैरोल?
पैरोल सजा पूरी होने से पहले मुजरिम को जेल से मिली कुछ दिनों की रिहाई होती है. जिसके लिए अच्छा व्यवहार होना भी एक शर्त है. इसके लिए कैदी को जेल से बाहर निकलने के लिए जरूरी वजह बतानी पड़ती है और संबंधित राज्य की सरकार उसे पैरोल देने पर आखिरी फैसला करती है.
इनपुट- सुरेंद्र सिंह