हाथरस गैंगरेप केस को लेकर राजनीति अपने चरम पर पहुंच गई है. गैंगरेप को लेकर जहां लोगों में खासा गुस्सा है तो राजनीतिक दल इसका अपने स्तर पर विरोध कर रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश में कानून राज की जगह गुंडा, बदमाशों और माफियाओं का राज होने का आरोप लगाया और कहा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री बदला जाए या फिर यहां पर राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए.
उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराध पर मायावती ने ट्वीट के जरिए पार्टी का प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि यूपी में कानून-व्यवस्था की दयनीय स्थिति है. लगता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार न जाग रही है और न ही जागेगी, तो ऐसे में केंद्र सरकार और बीजेपी को जागना चाहिए. पार्टी आरएसएस के दबाव में आकर योगी को मुख्यमंत्री बना दिया लेकिन वे सरकार चलाने में सक्षम नहीं हैं.
प्रेस नोट में कहा गया कि केंद्र यूपी की जनता के बारे में सोचे और योगी आदित्यनाथ को उनकी असली जगह गोरखपुर में उनके मठ में मठाधीशी के लिए वापस भेज दे.
पार्टी की ओर से जारी प्रेस नोट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के वाराणसी से चुनकर आए हैं. यूपी की जनता पर थोड़ा रहम करें और किसी काबिल आदमी को योगी आदित्यनाथ की जगह मुख्यमंत्री बनाएं, जो प्रदेश की कानून-व्यवस्था का सही ध्यान रख सके.
प्रेस नोट में यह भी कहा गया कि केंद्र सरकार और बीजेपी को प्रदेश की जनता पर रहम करना चाहिए. किसी काबिल इंसान को मुख्यमंत्री बनाए. अगर उन पर आरएसएस का ज्यादा दबाव है तो फिर यहां पर राष्ट्रपति शासन लागू करके शासन की बागडोर अपने हाथ में लेकर कानून-व्यवस्था सुधारें.
योगी आदित्यनाथ पर बरसते हुए बसपा ने कहा कि यूपी की सरकार चलाना योगी आदित्यनाथ के बस की बात नहीं है. यूपी की जनता के हित में यही बेहतर है कि यहां पर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए.
मायावती की ओर से ट्वीट में कहा गया, 'मैंने बार-बार यूपी के सीएम से अनुरोध किया कि जनता के हित में पूर्व की बसपा सरकार से सबक लेकर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करे और मेरी तरह अपनी पार्टी के लोगों को भी इस मामले में न बख्शें, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं हैं. इसलिए यहां पर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए.'