हाथरस गैंगरेप कांड के बाद पूरा देश गुस्से और गम में है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है. इस बीच महिला वकीलों ने भी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) को चिट्ठी लिखकर मामले की हाई कोर्ट की मॉनिटरिंग में जांच कराने की मांग की है. इस चिट्ठी में तमाम मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया गया है.
इसके साथ ही महिला वकीलों ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने वाले पुलिस और प्रशासन के अफसरों के साथ ही मेडिकल अफसरों पर कार्रवाई और उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है. इसके साथ ही पीड़ित परिवारों के लिए अलग से संस्थान और गाइडलाइन बनाने की मांग की गई, ताकि उन्हें दिक्कत न हो.
चिट्ठी को एडवोकेट कीर्ति सिंह, एडवोकेट इरम माजिद, एडवोकेट रितु भल्ला, एडवोकेट नंदिता राव, एडवोकेट अदिति गुप्ता, एडवोकेट फिरदौस मूसा, एडवोकेट इति पांडे, एडवोकेट अनुराधा दत्त, एडवोकेट शाहरुख आलम, एडवोकेट स्वाति सिंह मलिक, एडवोकेट कृति कक्कड़, एडवोकेट मृणालिनी सेन, एडवोकेट एकता कपिल, एडवोकेट मालविका राजकोटिया ने लिखा.
इसके अलावा चिट्ठी पर एडवोकेट झुम झुम सरकार, एडवोकेट पूजा सहगल, एडवोकेट ज़ेबा खैर, एडवोकेट अमिता गुप्ता, एडवोकेट संजोली मेहरोत्रा, एडवोकेट संगीता भारती, एडवोकेट आथीरा पिल्लई, एडवोकेट केवेट वाडिया, एडवोकेट आर.आर डेविड, एडवोकेट सताक्षी सूद, एडवोकेट अंशिका सूद, एडवोकेट वारिशा फरसाट, एडवोकेट नाओमी चंद्रा समेत कई वकीलों के हस्ताक्षर हैं.