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मास्क अभी जरूरी नहीं, पूरे देश में मॉकड्रिल... कोरोना पर स्वास्थ्य मंत्रालय की बैठक में क्या फैसले हुए?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ ऑनलाइन बैठक की. हालांकि इस बैठक से सामने आने वाली एक खास बात यह है कि देश में अभी भी मास्क को अनिवार्य नहीं किया गया और राज्यों से कहा गया कि वे कोविड टेस्टिंग और जीनोम सीक्वेंसिंग पर ध्यान दें.

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देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ हाई लेवल मीटिंग की. इस मीटिंग में मनसुख मांडविया ने कोविड-19 के प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारी और राज्यों के साथ कोविड-19 टीकाकरण के प्रोग्रेस को रिव्यू किया.

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इस बैठक के दौरान डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि केंद्र और राज्यों को सहयोगात्मक भावना से काम करने की जरूरत है. ठीक ऐसा ही पिछली उछाल के दौरान भी किया गया था. हालांकि इस बैठक से सामने आने वाली एक खास बात यह है कि अभी भी मास्क को अनिवार्य नहीं किया गया और राज्यों से कहा गया कि वे कोविड टेस्टिंग और जीनोम सीक्वेंसिंग पर ध्यान दें.

कैसे रुकेगा कोरोना?

उन्होंने बताया, कोविड के उपयुक्त व्यवहार के लिए टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण और पालन की पांच-गुना रणनीति कोविड प्रबंधन के लिए नीति बनी हुई है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों ने 8 और 9 अप्रैल को जिला प्रशासन और जन स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा करने का अनुरोध किया.

राज्य कराएं मॉक ड्रिल

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इस बैठक में राज्यों को 10 और 11 अप्रैल को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मॉक ड्रिल करने को कहा गया है. केंद्र की ओर से राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों को कहा गया कि इस मॉक ड्रिल को रिव्यू करने के लिए वे खुद अस्पतालों का दौरा करें. साथ ही राज्यों को सलाह दी गई है कि वे सतर्क रहें और कोविड-19 प्रबंधन के लिए पूरी तैयारी रखें.

टेस्टिंग और टीकाकरण पर जोर

इसके अलावा राज्यों को आपातकालीन हॉटस्पॉट की पहचान करने की सलाह दी गई है. साथ ही कहा गया है कि कोरोना वायरस की टेस्टिंग और टीकाकरण को बढ़ाया जाए और अस्पताल के बुनियादी ढांचे की तैयारी सुनिश्चित की जाए. स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों से कहा कि हमें सतर्क रहना है और अनावश्यक भय नहीं फैलाना है.

लगातार बढ़ रहा कोरोना का खतरा

आपको बता दें कि भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 6,050 केस सामने आए हैं. इससे पहले गुरुवार को देश में कोरोना के 5,335 मामले दर्ज किए गए थे. 6 महीने बाद देश में एक दिन में इतने केस मिले थे. देश में पॉजिटिविटी रेट भी बढ़कर 3.39% हो गया है. भारत में कोरोना के बढ़ते हुए केसों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. चौंकाने वाली बात ये है कि भारत में मिल रहे कोरोना केसों में 38 फीसदी केस नए वैरिएंट XBB.1.16 के मिल रहे हैं.

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जीनोम सिक्वेंसिंग पर नजर रखने वाली INSACOG के मुताबिक, देश में रोजाना सामने आ रहे कोरोना केसों में 38.2% केस XBB.1.16 वैरिएंट के हैं. INSACOG ने गुरुवार को जारी अपने बुलेटिन में बताया कि मार्च के तीसरे हफ्ते तक लिए गए सैंपल में ओमिक्रॉन का XBB वैरिएंट सबसे ज्यादा पाया गया.

क्या है XBB वैरिएंट?

XBB.1.16 कोरोना के सब वैरिएंट ओमिक्रॉन का वैरिएंट है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, XBB.1.16, XBB.1.5 से 140 प्रतिशत तेजी से फैल सकता है. यह XBB.1.5 की तुलना में कहीं अधिक आक्रामक है और शायद XBB.1.9 वैरिएंट से भी तेज है.

हालांकि, कोरोना के नए वैरिएंट के लक्षण पहले की तरह ही हैं. कोई भी नया लक्षण सामने नहीं आया है. मौसम बदलने के कारण फ्लू के मामलों में भी वृद्धि हुई है, ऐसे में कोरोना के मामलों में भी इजाफा हुआ है.

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