जरा सोचिये, कोई शादी के मंडप में है, वहां दिल का दौरा पड़ रहा है...कोई पारिवारिक उत्सव में बैठा है, वहां दिल का दौरा पड़ जा रहा है..किसी को खेलते-कूदते तो किसी को कसरत करते करते दिल के दौरे पड़ रहे हैं. इन घटनाओं में कुछ भी एक जैसा नहीं होता है. न तो मरने वाले एक उम्र के हैं, न एक पेशे के हैं, न एक जैसी घटना है...सिर्फ एक समानता है कि दिल का दौरा पड़ रहा है और मौत हो जा रही है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई ऐसी घटनाओं की तस्वीरें वायरल हो रही हैं जो सचमुच डराती हैं.
पिछले कुछ महीनों से आपने कई ऐसी तस्वीरें देखी होंगी जिसमें लोगों को चलते फिरते दिल का दौरा पड़ रहा है या तो मौके पर ही मौत हो जा रही है या अस्पताल पहुंचते पहुंचते मौत हो जा रही है. दिल के दौरे से हो रही मौत की घटनाएं अब स्वस्थ लोगों के लिए भी चिंता का कारण बनती जा रही हैं.
इन चार घटनाओं ने सभी को चौंकाया
1- हैदराबाद में शादी के उत्सव में मौत
हैदराबाद से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक घर में शादी का उत्सव था. घर में गीत-संगीत बज रहा था. आंगन में दूल्हा बैठा था. हल्दी की रस्म चल रही थी. खुशी का माहौल था. सामने से एक रिश्तेदार उठकर आते हैं. शख्स हल्दी लगाने के लिए दूल्हे की पैंट को ऊपर करते हैं. शख्स दूल्हे को उबटन लगाने के लिए हाथ बढ़ाता है. तभी वो असहज महसूस करता है. वो सीधा होकर बैठ जाता है. आंखें बंद होने लगती हैं. और अगले ही पल वो सामने की तरफ औंधेमुंह गिर पड़ता है. दूल्हा उन्हें उठाने लगता है. देखते ही देखते चीख पुकार मच जाती है. शख्स को अस्पताल ले जाया जाता है. जहां उनकी मौत हो जाती है. डॉक्टर बताते हैं कि हार्ट अटैक से मौत हुई है.
2- डांस करते-करते मौत
नांदेड़ का ऐसा ही एक और वीडियो वायरल हो रहा है. एक युवक तेलंगाना से अपने रिश्तेदार की शादी में आया था. उत्सव के माहौल में ये युवक तेलुगु गाने पर डांस कर रहा था. लोग खुश होकर उसे चीयर कर रहे थे. करीब तीस सेकंड के अंदर ही ये युवक खड़े-खड़े शांत हो गया. लोगों ने समझा कोई डांस मूव है. म्यूजिक बजता रहा. करीब बीस सेकंड तक युवक वैसे ही औंधे मुंह पड़ा रहा तब जाकर लोगों को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है. युवक को उठाने की कोशिश की गई. लेकिन दिल के दौरे ने उसकी जान ले ली थी.
3- क्रिकेट के मैदान में मौत
अहमदाबाद से भी ऐसा ही चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है. यहां जीएसटी कर्मचारियों और जिला पंचायत के बीच क्रिकेट का मैच चल रहा था. बसंत राठौड़ नाम का युवक बॉलिंग करने के लिए वापस लौटता है, तभी उसे कुछ महसूस होता है वो मैदान पर बैठ जाता है. वो युवक फिर उठकर चलने लगता है. चार पांच कदम चलते ही फिर बैठ जाता है. टीम के बाकी खिलाड़ी भी उसके पास आने लगते हैं. तभी वह जमीन पर लेट जाता है. युवक बेचैनी में कभी उठकर बैठता है, कभी झुकता है, फिर लेट जाता है. जब तक कोई कुछ समझ पाता देखते ही देखते इस युवक की मौत हो गई.
4- खाना खाते खाते मौत
मध्यप्रदेश के सागर से भी ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां एक सिक्योरिटी गार्ड खाना खा रहा था. तभी उसे अचानक से दर्द होता है. वह बेंच से नीचे गिर जाता है. हार्ट अटैक से उसकी मौत हो जाती है. इससे पहले कभी बैडमिंटन खेलते, तो कभी स्कूटी चलाते हार्ट अटैक पड़ने के मामले भी सामने आ चुके हैं.
बड़े बड़े सेलिब्रिटी की भी मौत
पिछले एक दो साल में दिल के दौरे से होने वाली मौतों ने पूरी दुनिया को डराया है और भारत में तो हमने देखा है कि कैसे राजू श्रीवास्तव से लेकर गायक केके हों या फिर कन्नड़ सुपरस्टार पुनीत राजकुमार हों या बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला...ये तमाम ऐसे चेहरे थे जिनके निधन ने लोगों को डरा दिया...बिल्कुल स्वस्थ और कुछ मामलों में कसरती बदन वाले नौजवान भी दिल के दौरे के कारण जान गंवा रहे हैं...इनके कारणों की पूरी पड़ताल अभी तक नहीं हो पाई है...कोई पुख्ता डेटा सामने नहीं आया है.
सबसे चिंताजनक बात ये है कि इन दिनों दिल के दौरे से होने वाली मौतों में कम उम्र वाले नौजवानों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है और इसमें सबसे बड़ी दो परेशानी ये है कि एक 19-20 या 25-30 साल का नौजवान कैसे समझे कि उसे दिल की बीमारी का खतरा है और दूसरी परेशानी ये है कि अगर कभी किसी को सार्वजनिक जगह पर ऐसी मुसीबत आती है तो वहां मौजूद लोग कैसे ये फैसला करें कि बीमार शख्स को सीपीआर देना है या नहीं.
नौजवानों में दिल के दौरे की घटनाएं बढ़ीं
इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, बीते सालों में 50 वर्ष से कम उम्र के 50 फ़ीसदी और 40 साल से कम उम्र के 25 फ़ीसदी लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम देखा गया है. मतलब, नौजवानों में दिल के दौरे की घटनाएं बढ़ रही हैं और महिलाओं के मुकाबले पुरुष दिल की बीमारी से ज्यादा ग्रसित हो रहे हैं. दिल की बीमारियों के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर, तनाव, मोटापा और अनियमित जीवन शैली बड़ा कारण नजर आती हैं. इतना ही नहीं भारत के नौजवानों में शुगर की परेशानी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो साल 2045 तक भारत में 13 करोड़ से भी अधिक लोग शुगर के मरीज हो सकते हैं.
कहीं कोरोना से तो नहीं है संबंध
हालांकि दुनिया के कई देशों में अब पोस्ट कोविड हो रही परेशानियों को लेकर भी स्टडी चल रही है. कई जानकारों का मानना है कि कोविड संक्रमण के बाद शरीर में खून का थक्का जमने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, और इसे लेकर अध्ययन भी जारी हैं कि कहीं दिल की इन बढ़ती बीमारियों के पीछे कोई कोरोना कनेक्शन तो नहीं है.
(इनपुट - आजतक ब्यूरो)