भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के कई इलाके में हीट वेव की चेतावनी जारी की है. आईएमडी का कहना है कि 5 से 8 अप्रैल के बीच अलग-अलग इलाकों में गर्मी और उमस की स्थिति रह सकती है, जिससे गर्मी बढ़ सकती है.
IMD ने शुक्रवार को मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर और लातूर के लिए लू को लेकर चेतावनी जारी की है. 5 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच अलग-अलग इलाकों में गर्मी और उमस की स्थिति रहेगी.
दिल्ली में 42 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान
इससे पहले शुक्रवार को IMD ने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत में अगले छह दिनों में लू चलने की संभावना है और दिल्ली में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है. इससे प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में दक्षिण हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश शामिल हैं.
आईएमडी ने कहा कि इस अवधि के दौरान मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है.
वहीं, दिल्ली में 6 या 7 अप्रैल तक कुछ स्थानों पर दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इस हफ्ते के आरंभ में विभाग ने कहा था कि भारत में अप्रैल से जून तक सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है, तथा मध्य और पूर्वी भारत तथा उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में अधिक गर्म दिन रहने की संभावना है. सामान्यतः भारत में अप्रैल से जून के बीच चार से सात दिन तक गर्म हवाएं चलती हैं.
'इन राज्यों में चलेंगी सामान्य से ज्यादा गर्म हवाएं'
IMD के अनुसार जिन राज्यों में सामान्य से अधिक गर्म हवाएं चलने की संभावना है. उनमें राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक और तमिलनाडु के उत्तरी भाग शामिल हैं.
कुछ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश (इसका पूर्वी क्षेत्र), झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में इस अवधि के दौरान 10 से 11 दिन तक गर्म हवाएं चल सकती हैं.
पिछले साल भारत में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ी थी, 536 दिन हीटवेव के साथ दर्ज किए गए जो 14 सालों में सबसे ज़्यादा थे. 2024 का साल भारत और दुनिया भर में सबसे गर्म साल भी दर्ज किया गया था.
इस साल भारत के कई हिस्सों में 27-28 फरवरी की शुरुआत में ही लू चलनी शुरू हो गई थी. वर्ष 2025 में पहली लू 5 अप्रैल को दर्ज की जाएगी. इसके इतर भारत में अप्रैल और मई के दौरान हीट वेब आम हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ये अधिक बार आती हैं और तीव्र होती जा रही हैं.
'10 गुना बढ़ सकता हीट वेव का खतरा'
2022 के एक अध्ययन में कहा गया है कि 21वीं सदी में हीटवेव का खतरा 10 गुना बढ़ सकता है. भारत के 70 प्रतिशत से अधिक भूभाग को भीषण हीटवेव का सामना करना पड़ सकता है.
आंकड़े बताते हैं कि भारत में सबसे गर्म वर्षों में से 12 वर्ष 2006 के बाद से आए हैं, जिनमें 2016 अब तक का सबसे गर्म साल रहा है.