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नेपाल में एवलांच, उत्तराखंड में बर्फबारी और लैंडस्लाइड... बारिश-बाढ़ से जूझ रहे यूपी-बिहार समेत कई राज्य

नेपाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और थाईलैंड में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. नेपाल में लैंडस्लाइड और हिमस्खलन से 23 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. वहीं यूपी में लगातार बारिश और तूफान से 60 से ज्यादा लोगों की जान गई है. कई जिलों में नदियां उफान पर हैं और हजारों मकान तबाह हो गए हैं.

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देश-विदेश में बारिश आफत बनकर बरस रही है. (Photo- PTI)
देश-विदेश में बारिश आफत बनकर बरस रही है. (Photo- PTI)

नेपाल से लेकर यूपी, उत्तराखंड, ओडिशा और थाईलैंड तक भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचाई है. जहां नेपाल में लैंडस्लाइड से लोगों की जान चली गई, वहीं यूपी में भी जान-माल का भारी नुकसान देखने को मिल रहा है.

नेपाल में पिछले कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मनांग जिले में हिमस्खलन की चपेट में आने से 2 लोगों की मौत हो गई और 10 लोग लापता हैं. 

उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों की लगातार बारिश और आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग हादसों में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. 

बाढ़ से जूझ रहे लोग नावों का सहारा लेकर आना-जाना कर रहे हैं. (Photo- PTI)

यूपी के कई जिलों में तबाही, बिहार-झारखंड में भी बारिश

गाजीपुर, अयोध्या, सीतापुर और लखीमपुर खीरी समेत कई इलाकों में फसलें तबाह हो गई हैं और हजारों मकान तबाह हुए हैं. वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे घाटों और निचले इलाकों में पानी भरने लगा है. बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से नावों के संचालन पर रोक लगा दी है. 

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बारिश के चलते खराब हुईं फसलों को देखता किसान. (Photo- ITGD)

इसके अलावा, बिहार और झारखंड के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है जिसकी वजह से लोग बाढ़ जैसे हालात से जूझ रहे हैं. वहीं, बंगाल में भी बारिश से बुरा हाल है, ऐसे में प्रशासन ने मछुआरों को नदियों से दूर रहने की सलाह दी है.

केदारनाथ में लैंडस्लाइड, एक बच्चे की मौत

उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी से बुरा हाल है. मौसम विभाग ने चमोली, रुद्रप्रयाग, चंपावत, नैनीताल और पौड़ी जिलों में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि देहरादून समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट है. 

केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिरबासा इलाके में लैंडस्लाइड की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया. वहीं पौड़ी के थलीसैंण में मकान ढहने से बलवीर सिंह नाम के एक व्यक्ति की मलबे में दबकर मौत हो गई.

दो दिन स्थगित रही चारधाम यात्रा

ऋषिकेश के पास गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण नदी में राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है. गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप के आदेश के मुताबिक खराब मौसम को देखते हुए चारधाम यात्रा रविवार को भी स्थगित रही. हालांकि सोमवार को मौसम में सुधार होने के बाद चारधाम यात्रा को फिर से शुरू कर दिया है.

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गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने बताया कि भारी बारिश और खराब मौसम के चलते 26 सितंबर की दोपहर से 27 सितंबर 2026 तक यात्रा स्थगित रही थी. स्थानीय हालात को देखते हुए जिलाधिकारियों को यात्रा संचालन पर फैसला लेने के अधिकार दिए गए हैं. खराब मौसम या रास्ते बंद होने पर इसे फिर रोका जा सकता है. 

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 136 पर्वतारोही फंसे

भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 136 पर्वतारोही, ट्रैकर्स और पोर्टर्स फंस गए हैं. जिला प्रशासन, SDRF और पुलिस की संयुक्त टीमें उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं.

नेपाल में बाढ़ और लैंडस्लाइड से भारी तबाही

पड़ोसी देश नेपाल में भी भारी बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है. पिछले कुछ दिनों में बाढ़, लैंडस्लाइड और बिजली गिरने की घटनाओं में 21 लोगों की जान चली गई है. पाल्पा जिले में घर पर लैंडस्लाइड होने से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई. 

इसके अलावा रूपन्देही और चितवन जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे सैकड़ों मकान पानी में डूब गए हैं. राहत और बचाव कार्य में जुटे सुरक्षा बलों ने अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है.

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दूसरी ओर, नेपाल के मनांग में स्थित 7,126 मीटर ऊंचे हिमलिंग हिमाल चोटी के बेस कैंप पर एक बड़ा एवलैंच आ गया. इस हिमस्खलन की चपेट में एक कैंप आ गया, जिसमें 9 पर्वतारोही और 13 सपोर्ट स्टाफ मौजूद थे. पुलिस के मुताबिक इस दुर्घटना में 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 10 नेपाली नागरिक अभी भी लापता हैं.

ओडिशा और थाईलैंड में भी बाढ़ का प्रकोप

ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के पास बने गहरे दबाव के कारण 13 जिलों में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया है और राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए खाना, साफ पानी और मेडिकल सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. 

महानदी और सुवर्णरेखा नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिसके चलते एक लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. 

यह भी पढ़ें: उत्तरकाशी में फंसे 136 पर्वतारोही-ट्रैकर, चारधाम यात्रा अभी भी बाधित! बारिश से बेहाल उत्तराखंड

उधर, थाईलैंड में भी भारी बारिश और बाढ़ के कारण हजारों लोग फंस गए हैं, जहां राहत कार्यों के लिए सेना को तैनात किया गया है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है.

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