कर्नाटक में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा मार्च में शुरू होनी है. इस परीक्षा के पहले हिजाब विवाद फिर से चर्चा में आ गया है. हिजाब पर प्रतिबंध जारी रहेगा या मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अगुवाई वाली सरकार इसे हटाएगी, इस पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है. कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर का एक दिन पहले ही यह बयान आया था कि परीक्षा के दौरान छात्राओं को हिजाब पहनने की अनुमति दी जाए या नहीं, इस पर फैसला गहन विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा.
जानकारी के मुताबिक कर्नाटक सरकार 10वीं कक्षा की परीक्षा शुरू होने से पहले हिजाब को लेकर किसी नतीजे पर पहुंच जाएगी. सूत्रों की मानें तो कर्नाटक सरकार मार्च के पहले हफ्ते में यह ऐलान कर देगी कि 10वीं की परीक्षा में शामिल छात्राएं हिजाब पहनकर परीक्षा दे सकेंगी या नहीं. गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सत्ता में रहते समय हिजाब पर बैन का फैसला लागू हुआ था.
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हिजाब पर बैन लागू करने के सरकार के फैसले को कोर्ट में भी चुनौती दी गई थी. हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को बरकरार रखा था. सूबे की सत्ता पर काबिज होने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 22 दिसंबर 2023 को ये ऐलान किया था कि अधिकारियों से स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पर लगी रोक हटाने के लिए कहा है. सीएम सिद्धारमैया के इस ऐलान के बाद एक्टिव हुए कांग्रेस आलाकमान ने उनसे लोकसभा चुनाव तक विवादास्पद मुद्दों से दूरी बनाए रखने के लिए कहा था.
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यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. अब 10वीं कक्षा की परीक्षा से पहले एक बार फिर हिजाब बैन चर्चा में आ गया है. हिजाब को लेकर गृह मंत्री जी परमेश्वर ने भी कहा था कि इस परीक्षा में अभी भी एक महीने बचे हुए हैं और इसे लेकर किसी भी फैसले से पहले गहन चर्चा की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने की वजह से सरकार को कानूनी पहलुओं का भी खास ध्यान रखना होगा.