लोकसभा में सोमवार को इतिहास के पुनर्लेखन का मुद्दा उठा. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टॉरिकल रिसर्च (आईसीएचआर) इतिहास के पुनर्लेखन की परियोजना शुरू कर रहा है क्या? इस सवाल के जवाब में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नहीं. उन्होंने लोकसभा में साफ कहा कि नहीं.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इतिहास के पुनर्लेखन को लेकर सरकार की कोई योजना नहीं है. इसके बाद पंजाब के कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी इसे लेकर सवाल किया. मनीष तिवारी के सवाल पर धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि सुब्बाराव ने जो सवाल किया, हमने उसका जवाब दिया. उन्होंने मनीष तिवारी के सवाल पर चुटकी भी ली.
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मनीष तिवारी ने अच्छे-अच्छे अंग्रेजी के शब्दों में सवाल को और लचीला बनाया. आईसीएचआर ने इतिहास को लेकर कोई प्रकल्प अपने हाथ में लिया है क्या, इस सवाल का जवाब बड़ी विनम्रता से देना चाहूंगा कि हां. उन्होंने पीएम मोदी के मानगढ़ दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि गोबिंद गुरुजी के नेतृत्व में डेढ़ हजार लोगों की शहादत हुई थी.
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Watch: Minister Dharmendra Pradhan's reply to question raised by INC MP Manish Tewari during #QuestionHour in #LokSabha regarding project to rewrite Indian history.@dpradhanbjp @EduMinOfIndia @ManishTewari pic.twitter.com/sgZxt9OAQD— SansadTV (@sansad_tv) February 13, 2023
शिक्षा मंत्री ने वीर बाल दिवस का भी जिक्र किया और कहा कि साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह की शहादत हुई थी. हालांकि, उन्होंने इतिहास के पुनर्लेखन की किसी भी योजना से साफ इनकार कर दिया. गौरतलब है कि केंद्र सरकार के मंत्रियों की ओर से समय-समय पर इतिहास पर सवाल उठाते हुए इसके पुनर्लेखन की बात कही जाती रही है.
इसी को लेकर सांसद सुब्बाराव ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान ये सवाल उठाया था. लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उठे इस सवाल का शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जवाब में ये साफ किया कि इतिहास का पुनर्लेखन कराने की सरकार की कोई मंशा नहीं है. इससे पहले तमिलनाडु के डीएमके सांसद ए राजा ने कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए राज्यों को मदद के संबंध में सवाल किया.
बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर को लेकर डीएमके सांसद ए राजा के सवाल का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया. वित्त मंत्री ने जीएसटी को लेकर भी सवालों के जवाब दिए और कहा कि कोरोना के दौरान बैक टू बैक लोन दिया गया. लोन का भुगतान करने के लिए सेस लगाया गया.