पश्चिम बंगाल की ममता सरकार और केंद्र सरकार के बीच तलवारें खिंच गई हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के बाद एक्शन लिया और तीन IPS अफसरों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाया. लेकिन राज्य सरकार ने अफसरों को भेजने से इनकार किया है, जिसके बाद अब केंद्रीय गृह मंत्रालय अफसरों और सरकार को नोटिस भेजने की तैयारी में है.
गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, इन अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा. साथ ही प्रदेश सरकार से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि इन्हें प्रतिनियुक्ति पर क्यों नहीं भेजा जा रहा है.
गृह मंत्रालय की ओर से बंगाल के DGP और मुख्य सचिव को तलब किया गया था, लेकिन उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया है. ऐसे में दोनों को नोटिस जारी किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों की दिल्ली वापसी ना होने के पीछे मुख्य रूप से राज्य सरकार का रवैया है. ऐसे में इनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है.
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इस पूरे मसले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय राज्य सरकार सरकार से विस्तृत रूप से स्पष्टीकरण मांग सकता है.
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद तीन IPS अधिकारियों को केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर भेजने का आदेश जारी किया. ये अधिकारी सुरक्षा के प्रभारी थे. केंद्र प्रतिनियुक्ति पर भेजने से इनकार करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने आईपीएस अधिकारियों की कमी का हवाला दिया है.
इस पूरे मामले में इससे पहले गृह मंत्रालय ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से रिपोर्ट भी मांगी थी. अपनी रिपोर्ट में राज्यपाल ने राज्य सरकार की ओर से मुहैया की गई सुरक्षा में ही कमी के संकेत दिए थे.