पाकिस्तान बार-बार अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. एक तरफ बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिशें लगातार जारी हैं तो वहीं पड़ोसी मुल्क की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के संवेदनशील प्रतिष्ठानों के बारे में गुप्त जानकारी हासिल करने के लिए तरह-तरह की साजिश रच रही है. इस कड़ी में पाकिस्तान की तरफ से हनीट्रैप में पंजाब में तैनात सैनिकों, पुलिस जवानों और सरकारी अधिकारियों को फंसाने की कोशिशें की जा रही हैं. हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता ने गुप्त जानकारी निकालने के लिए की जा रही ऐसी कोशिशों को हमेशा विफल कर दिया है.
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में राज्य पुलिस मुख्यालय को भेजे गए अलर्ट में बताया है कि महिला पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) ने अब उन सूचनाओं को पाने के लिए सोशल मीडिया पर हनीट्रैप बिछाया है, जिनकी वह तलाश में जुटी है. केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने ऐसी 14 सोशल मीडिया प्रोफाइल की लिस्ट जारी की गई है, जिन्हें लेकर सेना और पंजाब पुलिस के जवानों को भी अलर्ट किया गया है.
अलर्ट में कहा गया है कि भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना के अधिकारी और उनके रिश्तेदार प्राथमिक टारगेट थे, जिन्हें सोशल मीडिया पर खूबसूरत महिला पीआईओ द्वारा लालच दिया जा रहा है. पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने आजतक को बताया कि ये पीआईओ सेना और पुलिस अधिकारियों के अलावा उनके रिश्तेदारों को फंसाने के लिए सोशल मीडिया ऐप्स पर फेक फोटो का इस्तेमाल करती हैं.
भारतीय महिलाओं पर रखे जाते हैं नाम
पंजाब के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आजतक को बताया, "इन महिला पीआईओ के नाम आम भारतीय महिला नामों पर हैं ताकि भारतीय उन पर आसानी से भरोसा कर सकें. हमने एक दर्जन से अधिक ऐसी फर्जी प्रोफाइल को ब्लॉक कर दिया है, लेकिन लोगों को फंसाने के लिए हर दिन नई प्रोफाइल बनाई जा रही हैं."
पंजाब पुलिस के डीजीपी कार्यालय ने 14 ऐसी संदिग्ध प्रोफाइलों की लिस्ट जारी की है, जो भारतीय अधिकारियों को हनीट्रैप में फंसाने के लिए बनाए गए थे. इस लिस्ट में अनिया राजपूत, अलीना गुप्ता, आन्या अन्या, दीपा कुमारी, इशानिका अहीर, मनप्रीत प्रीति, नेहा शर्मा, परीशा अग्रवाल, प्रिया शर्मा, श्वेता कपूर, संगीता दास, तारिका राज, परीशा और पूजा अतर सिंह जैसे नाम शामिल हैं. खुद को महिला बताकर ये पीआईओ फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम समेत अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं.
पठानकोट में बरती जा रही विशेष सावधानी
एसएसपी पठानकोट हरकमलप्रीत सिंह खख ने बताया कि जिला पुलिस ने अलर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और अन्य अधिकारियों के अलावा आम लोगों को संभावित जासूसी खतरे के बारे में जागरूक किया है. हरकमलप्रीत सिंह खख ने कार्यप्रणाली के बारे में खुलासा करते हुए बताया, "चूंकि हमारा सीमावर्ती जिला है और भारत-पाक सीमा अत्यधिक संवेदनशील पठानकोट क्षेत्र से सिर्फ 26 किमी दूर है, जहां बहुत संवेदनशील प्रकृति की स्थापनाएं हैं, हम अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं."
उन्होंने बताया, "सोशल मीडिया का चलन सामने आया है जहां महिला की नकली तस्वीरों का इस्तेमाल करके नकली सोशल मीडिया अकाउंट बनाए जा रहे हैं. वे (पीआईओ) फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं और फिर चैट एप्लिकेशन का उपयोग करके चैट करते हैं. जो व्यक्ति फंस जाता है उसे कभी पता नहीं चलता कि वह किसके साथ चैट कर रहा है . बातचीत रिकॉर्ड करके उसे फंसाया जाता है और फिर उसे यह कहकर ब्लैकमेल किया जाता है कि उसकी अश्लील तस्वीरें वायरल कर दी जाएंगी."
15 दिनों में 325 भारतीय लोगों से किया गया संपर्क
जांच में पता चला है कि पिछले 15 दिनों में फर्जी सोशल मीडिया आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर 325 से ज्यादा लोगों से संपर्क किया गया. इस तरह से डीआरडीओ, सेना और वायुसेना के अधिकारी फंस भी चुके हैं. पिछले पांच वर्षों के दौरान सेना, वायुसेना और अन्य अधिकारियों को महिला पीआईओ ने हनी ट्रैप में फंसाया.
अतीत में जाल में फंस चुके हैं कई अधिकारी
गौरतलब है कि डीआरडीओ में भी इस तरह का मामला सामने आया था जब वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर पर देश की ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़े राज एक महिला पीआईओ को लीक करने के आरोप में जासूसी का मामला दर्ज किया गया. पाकिस्तानी जासूस ने खुद को ज़ारा दासगुप्ता बताया था. कुरुलकर को इस साल मई में ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना पर एक बेहद गोपनीय रिपोर्ट दिखाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
अतीत में आईएसआई के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में कई अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है.