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कुछ लोगों के लिए बिजनेस तो... कोलकाता रेप पीड़िता कैसे ऑनलाइन दुनिया के लिए 'चारा' बन गई

इंडिया टुडे की ओएसआईएनटी टीम ने कोलकाता की डॉक्टर के बलात्कार से जुड़े 'पोर्न वीडियो' में रुचि का फायदा उठाने वाले संदिग्ध ऑनलाइन बिजनेस की जांच की है.

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9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. (फाइल फोटो)
9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. (फाइल फोटो)

भारत के सबसे पुराने महानगरों में से एक में एक ट्रेनी डॉक्टर का बलात्कार हुआ और उनकी हत्या कर दी गई. यह अपराध हमारी सामूहिक चेतना को हिला देने के लिए पर्याप्त था. लेकिन, इसके बाद भी पीड़िता को ऑनलाइन सबसे घटिया तरीके से शोषित किया जा रहा है. समाज का एक हिस्सा इस भयावह अपराध को एक अश्लील कृत्य के रूप में देखता है. जहां कुछ लोग रेप वीडियो की भारी मांग का फायदा उठाकर इसे बिजनेस अवसर के रूप में देख रहे हैं और अतिरिक्त पैसा कमाने की कोशिश कर रहे हैं.

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इंडिया टुडे की ओपन सोर्स इन्वेस्टिगेशन (ओएसआईएनटी) टीम ने जांच में पाया कि कई लिंक और मल्टीमीडिया फाइलें पीड़िता के 'सेक्स' और 'पोर्न' वीडियो का दावा कर रही हैं और इन्हें कई प्लेटफॉर्म्स पर होस्ट और शेयर किया जा रहा है. इनमें कुछ बड़ी टेक कंपनियां भी शामिल हैं.

50 से अधिक वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों के स्कैन से पता चलता है कि अधिकांश पोस्ट का उद्देश्य अधिक वेब ट्रैफिक लाना है. ये प्लेटफार्म फेसबुक जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया साइटों, टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफार्मों, पोर्न वेबसाइटों और अन्य स्वतंत्र रूप से बनाए गए डोमेन पर उपलब्ध हैं.

फेमस कीवर्ड और भारी मांग

आरजी कर अस्पताल की घटना के संदर्भ में जब भयावह विवरण मुख्यधारा के मीडिया और सोशल साइटों पर आने लगे, तो लोग 'सेक्स,' 'पोर्न,' और 'रेप पोर्न' वीडियो को खोजना शुरू कर दिया. 'कोलकाता रेप वीडियो,' 'डॉ (पीड़िता का नाम) वीडियो,' और '(पीड़िता का पहला नाम) पोर्न' जैसे कीवर्ड की सर्च में 16 अगस्त को भारी उछाल देखा गया. उस दिन, एक कीवर्ड जिसमें 'पोर्न' शब्द शामिल था, को कुछ अन्य फेमस कीवर्ड से अधिक बार सर्च किया गया.

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इस प्रकार की वीडियो की खोज केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई के यूजर्स भी शामिल हैं.

'रेप' वीडियो उपलब्ध कराने की होड़

घृणित ऑनलाइन खोजों ने पोर्न साइटों, संदिग्ध कंटेंट एग्रीगेटर्स, टेलीग्राम ग्रुप्स और टेराबॉक्स जैसे क्लाउड स्टोरेज ऐप्स पर सैकड़ों पेजों बनें जहां अश्लील सामग्री व्यापक रूप से होस्ट और वितरित की जा रही है.

इंडिया टुडे ने पीड़िता के नाम पर कम से कम आठ टेलीग्राम चैनल पाए, जिनके कुल सदस्यों की संख्या 70,000 से अधिक है. इन चैनलों में से कई ने अपने नाम में 'वीडियो' शब्द शामिल किया, जो यह संकेत देता है कि ये वीडियो की खोज कर रहे लोगों को निशाना बना रहे थे. भले ही ऐसा कोई वीडियो मौजूद नहीं हो.

इन चैनलों में दर्जनों पोस्ट ऐसे किए गए जिनमें ऐसे वीडियो के लिंक थे. एक चैनल ने अपने पोस्ट में लिखा- 'मैसेज डिलीट होने से पहले सभी लोग देख लें.'

इन प्लेटफार्मों के लिंक प्रमुख सोशल मीडिया साइटों, ग्रुप्स और वायरल पोस्टों के कमेंट्स सेक्शन में खुलेआम शेयर किए जा रहे हैं. उदाहरण के लिए, बांग्लादेश के एक कंटेंट क्रिएटर शकीब अहमद ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें वीडियो डाउनलोड करने के स्टेप्स को समझाया गया है. जब इस लिंक पर क्लिक किया जाता है, तो यह एक संदिग्ध साइट पर जाकर खुलता है, जो कुछ सेकंड के बाद अपने आप पोर्न साइट पर रीडायरेक्ट हो जाता है. इस पेज में एक 'डाउनलोड' बटन भी है जो एक वयस्क वीडियो को होस्ट करता है. साइट के आंकड़ों के अनुसार, इस वीडियो को 500 से अधिक बार डाउनलोड किया गया है.

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हमारी जांच में सामने आया कि करीब दो दर्जन पोर्नोग्राफिक साइटें अपराध की कथित वीडियो के लिंक होस्ट कर रही हैं. इंडिया टुडे ने इससे पहले रिपोर्ट किया था कि पीड़िता के कई फर्जी प्रोफाइल इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर बनाए गए थे, जो अधिक से अधिक फॉलोअर्स पाने के उद्देश्य से बनाए गए थे. इनमें से कुछ अकाउंट्स इरोटिक और सेमी न्यूड (अर्ध-नग्न) वीडियो पोस्ट कर रहे हैं.

रेप वीडियो खोजने के पीछे का मनोविज्ञान

दिल्ली स्थित मनोचिकित्सक डॉ. दीपक रहेजा का कहना है कि सेक्स की कमी, पोर्न की लत और अन्य प्रकार की मनोवैज्ञानिक समस्याएं बलात्कार के वीडियो की खोज को बढ़ावा दे सकती हैं. डॉ. दीपक रहेजा इंडिया टुडे को बताते हैं, 'एक बलात्कारी अपराध को इस तरह कर सकता है कि समाज के प्रति नकारात्मक भावनाओं को सुलझा सके या गहरी यौन अक्षमता के कारण, यह मानते हुए कि कोई महिला उसे कभी स्वीकार नहीं करेगी. यह एक संघर्षपूर्ण यौन जीवन को रोमांचक बनाने के लिए भी किया जा सकता है. इनमें से कुछ लोग सामान्य उत्तेजना के तरीकों के प्रति अत्यधिक सहिष्णु हो सकते हैं और ऐसे कृत्यों का सहारा लेते हैं ताकि खुद को रोमांचित कर सकें.' उनका कहना है कि इनकी संख्या बहुत कम है.

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