मणिपुर मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों में तीखी नोकझोंक हुई. ऐसे में राज्यसभा में एक पल ऐसा भी आया जब विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कुछ ऐसा कहा कि सदन में मौजूद सभी सांसद हंसने लगे. दरअसल खड़गे ने अपने भाषण के दौरान सभापति जगदीप धनखड़ से पूछा कि वह नाराज क्यों हैं, जिस पर उन्होंने जवाब दिया. जगदीप धनखड़ ने कहा कि वह ऐसा कभी नहीं करते क्योंकि उनकी शादी को 45 साल हो गए हैं.
सभापति द्वारा खड़गे को बोलने की इजाजत देने के बाद कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें दो सेकंड के भीतर बैठा दिया जाता है. खड़गे ने कहा, 'आप शायद थोड़े गुस्से में थे', जिस पर धनखड़ ने जवाब दिया, 'सर (खड़गे), मैं 45 साल से शादीशुदा आदमी हूं. मैं कभी गुस्सा नहीं करता.' यह सुनते ही अन्य सांसद हंसने लगे.
मैं कभी गुस्सा नहीं करता...
धनखड़ ने खड़गे की ओर इशारा करते हुए कहा, 'मैं कभी गुस्सा नहीं करता.' इसके बाद सभापति ने यह भी कहा कि वह अपनी पत्नी के बारे में सदन में चर्चा नहीं कर सकते क्योंकि वह सदन की सदस्य नहीं हैं. इस दौरान सभापति ने खड़गे से उनकी गुस्से वाली को ठीक करने का आग्रह किया. इस पर खड़गे ने कहा, 'आप गुस्सा दिखाते नहीं हैं, लेकिन बराबर अंदर से करते हो.' इससे सदन में हंसी का एक और दौर शुरू हो गया, जिसमें दोनों पक्षों ने हल्के-फुल्के पलों का आनंद लिया.
क्या था पूरा बयान?
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जन खड़गे सदन में बोल रहे थे, 'मेरा निवेदन है कि 176 का नोटिस भी उसी दिन दिया गया, 267 भी... 267 नोटिस में सभी बिजनस को अलग रखकर प्रायॉरिटी देना चाहिए. लेकिन मुझे समझ में नहीं आ रहा कि ये प्रतिष्ठा का मसला क्यों बन गया. 267 में हमें कहने के लिए मौका मिलता है, आपने ये भी कहा कि उसे एडमिट करने के लिए कारण होना चाहिए.'
खड़गे ने आगे कहा कि मैंने कल ही विनती की लेकिन आप जरा गुस्से में थे. इतना सुनते ही धनखड़ हंस पड़े. उन्होंने कहा, 'सर मेरी शादी को 45 साल से ज्यादा हो चुके हैं. मैं कभी गुस्सा नहीं करता और चिदंबरम सीनियर वकील हैं. वह जानते होंगे कि सीनियर एडवोकेट को अथॉरिटी के सामने गुस्सा नहीं करना चाहिए. आप अथॉरिटी हैं सर. इसे मॉडिफाई कर दो सर.'