बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटे में गहरे दबाव में तब्दील हो सकता है. इसके तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ और ओडिशा में भारी बारिश हो सकती है. वहीं, इन राज्यों के तटवर्ती इलाकों में 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है. इस आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मॉनसून के अगले हफ्ते तक देश के शेष हिस्सों से वापस लौटने की संभावना नहीं है, जिससे बारिश का मौसम और आगे बढ़ जाएगा. दरअसल, बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटे में गहरे दबाव में तब्दील हो सकता है और नरसापुर तथा विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट को 12 अक्टूबर की रात को पार कर सकता है. फिलहाल यह पश्चिमी एवं उत्तर पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ रहा है.
The depression over west-central Bay of Bengal is very likely to move westnorthwestwards and cross north Andhra Pradesh coast between Narsapur & Vishakhapatnam tonight: India Meteorological Department
— ANI (@ANI) October 12, 2020
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलावा इसकी वजह से उत्तर कर्नाटक के भीतरी भाग, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ और ओडिशा में 13 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, 'वर्तमान दबाव के चलते दक्षिण पश्चिम मॉनसून के अगले हफ्ते तक वापसी के कम आसार हैं.' अक्टूबर के पहले हफ्ते में भी कम दबाव का एक क्षेत्र बना था.
ओडिशा में मछुआरों के समुद्र में जाने पर मनाही
बंगाल के पश्चिम-मध्य खाड़ी पर कम दबाव का क्षेत्र बनने से बुधवार तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया कि ओडिशा में आने वाले कुछ दिनों भारी बारिश के साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं.
अधिकारियों ने बताया कि ऐसे में ओडिशा के तटीय इलाकों के मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने को कहा गया है. विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दक्षिणी ओडिशा में 45-55 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
देश में बारिश का मौसम एक जून से 30 सितम्बर तक होता है. इस वर्ष देश में लगातार दूसरे साल सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है.