लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर पूर्वी लद्दाख इलाके में चीनी सेना ने फायरिंग की है. बीती रात ये गोलीबारी भारतीय चौकी की तरफ की गई. इसका जवाब देते हुए भारतीय सेना ने भी फायरिंग कर चीन को आगाह कर दिया. एलएसी पर तनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने चीन से बातचीत पर सवाल उठाए हैं.
बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा, 'विदेश मंत्री जयशंकर को मॉस्को में अपने चीनी समकक्ष से क्यों मिलना है? खासतौर पर रक्षा मंत्रियों से मुलाकात के बाद? 5 मई 2020 के बाद से भारत के पास चीन से विदेश नीति पर कोई विवाद सुलझाने की जरूरत नहीं है. इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी को विदेश मंत्री से अपनी यात्रा रद्द करने के लिए कहना चाहिए. यह हमारे संकल्प को कम करता है.'
Why does the Foreign Minister Jaishankar have to meet his Chinese counter part in Moscow? Especially after the Defence Ministers have met? India has no foreign policy issues to settle since may 5, 2020. Therefore PM must ask the EAM to cancel his trip. It dilutes our resolve.
— Subramanian Swamy (@Swamy39) September 8, 2020
क्या है पूरा मामला
दरअसल, फायरिंग की ये घटना पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से में हुई, जहां भारत सामरिक नजरिये से काफी मजबूत स्थिति में आ गया है और यही बात चीन को चुभ रही है. चीनी सेना ने फायरिंग करके भारतीय सेना के पीछे भेजने की नाकाम कोशिश की. भारतीय सैनिकों ने चीन को तुरंत करारा जवाब दिया.
सैनिकों ने जवाबी फायरिंग करके चीन को चेतावनी दी और अपनी पोस्ट की तरफ आते चीनी सैनिकों को तुरंत रोक दिया. लगातार चेतावनी देते हुए भारतीय सैनिकों ने कई गोलियां चलाईं. भारत की तरफ से करारा जवाब मिलते ही चीनी सैनिकों के कदम रुक गए. इसके बाद आगे बढ़ते चीनी सैनिक लौट गए.
काला टोप और हेलमेट टोप पर कब्जे के बाद से भारतीय सेना काफी अलर्ट पर थी, जबकि चीनी सेना बार-बार इन दोनों चोटियों की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रही थी. गोली चलने की घटना भी इसी कोशिश का नतीजा थी.
बातचीत के बाद भी नहीं कम हो रहा तनाव
भारत चीन के बीच सैन्य स्तर की बातचीत लगातार चल रही है. इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चीन के रक्षा मंत्री के साथ मॉस्को में बात भी हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी सीमा पर तनाव कम नहीं हो रहा है, क्योंकि बातचीत का नाटक करने वाला चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. एलएसी पर लगातार तनाव बना हुआ है.