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शेपाओ माउंटेन टॉप्स... यहीं पर चीन ने चलाई गोली, भारत ने दिया करारा जवाब

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीनी सेना ने फायरिंग की है. बीती रात ये गोलीबारी भारतीय चौकी की ओर की गई. इसका जवाब देते हुए भारतीय सेना ने भी फायरिंग कर चीन को आगाह कर दिया.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • एलएसी पर चीन की हिमाकत
  • पेंगौंग में गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब
  • हिंदुस्तानी चौकी पर वार नाकाम

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीनी सेना ने फायरिंग की है. बीती रात ये गोलीबारी भारतीय चौकी की ओर की गई. इसका जवाब देते हुए भारतीय सेना ने भी फायरिंग कर चीन को आगाह कर दिया. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक फिलहाल हालात कंट्रोल में है.

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फायरिंग की ये घटना पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से में स्थित शेपाओ माउंटेन टॉप्स पर हुई, जहां भारत भारत सामरिक नजरिये से काफी मजबूत हालत में आ गया है और यही बात चीन को चुभ रही है. बीती रात चीनी सेना ने फायरिंग करते हुए शेपाओ माउंटेन टॉप्स पर कब्जा करने की नाकाम कोशिश की.

भारतीय सैनिकों ने चीन को तुरंत करारा जवाब दिया. सैनिकों ने जवाबी फायरिंग करके चीन को चेतावनी दी और अपनी पोस्ट की तरफ आते चीनी सैनिकों को तुरंत रोक दिया. लगातार चेतावनी देते हुए भारतीय सैनिकों ने कई गोलियां चलाईं. भारत की तरफ से करारा जवाब मिलते ही चीनी सैनिकों के कदम रुक गए. 

शेपाओ माउंटेन टॉप्स की दो दिन पहले की तस्वीर

काला टोप और हेलमेट टोप पर कब्जे के बाद से भारतीय सेना काफी अलर्ट पर थी, जबकि चीनी सेना बार बार इन दोनों चोटियों की तरफ बढने की कोशिश कर रही थी. गोली चलने की घटना भी इसी कोशिश का नतीजा थी. घटना बहुंत बड़ी है और चीन की हिमाकत भी, क्योंकि एलएसी पर 1975 के बाद से पहली बार गोली चली है.

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यहां तक कि पिछली बार गलवान घाटी में झड़प की सबसे बडी घटना हुई थी, उसमें भी गोली नहीं चली थी. हालांकि आपको बता दें कि 31 अगस्त को भी चीनी सैनिकों ने साउथ पेंगोंग में ऊंची चोटियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी. तब भी भारतीय सैनिकों ने फायर करके उनको चेताया था. इस तरह ये फायरिंग आक्रमण के लिए नहीं बल्कि चेतावनी देने के लिए की गई थी, लेकिन अब चीन ने पहली बार गोली चलाई है.

 

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