पिछले कई महीने से लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी तनातनी के बीच मॉस्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच करीब ढाई घंटे मुलाकात के बाद अब शांति बहाली की उम्मीद बनती दिख रही है. विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी समकक्ष वांग यी के बीच बैठक के दौरान सीमा पर तनाव खत्म करने को लेकर 5 सूत्री सहमति बनी है.
दोनों देशों के विदेश मंत्री इस समय मॉस्को में हैं और दोनों SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए रूस गए हुए हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर की चीन समकक्ष वांग यी के साथ गुरुवार को हुई यह मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) से इतर है. ढाई घंटे लंबी चली बैठक में भारत और चीन के बीच पांच-सूत्रीय सहमति बनी है.
दोनों देशों के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों मंत्रियों ने 'भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के साथ-साथ भारत-चीन संबंधों पर हुए घटनाक्रम पर स्पष्ट और रचनात्मक चर्चा की. जारी बयान में 5 सूत्रों पर बनी सहमति का जिक्र किया गया.
5 सूत्रीय सहमति
1. दोनों मंत्रियों ने इस पर सहमति जताई कि दोनों पक्षों को भारत-चीन संबंधों को विकसित करने पर नेताओं की आम सहमति की सीरीज से मार्गदर्शन लेना चाहिए, जिसमें मतभेद विवाद नहीं बन सकें.
2. दोनों विदेश मंत्रियों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूदा स्थिति किसी भी पक्ष के हित में नहीं है. दोनों इस पर सहमत हुए कि दोनों पक्षों के सीमा सैनिकों को अपना संवाद जारी रखना चाहिए, सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए, उचित दूरी बनाए रखना चाहिए और तनाव कम करना चाहिए.
3. दोनों मंत्रियों ने सहमति व्यक्त की कि दोनों पक्ष चीन-भारत सीमा मामलों पर सभी मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल का पालन करेंगे. सीमा क्षेत्रों में शांति और शांति बनाए रखेंगे और ऐसे मामलों से बचेंगे जो तनाव को बढ़ा सकते हैं.
4. दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा से जुड़े प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधि तंत्र के माध्यम से बातचीत और संचार जारी रखने के लिए भी सहमति व्यक्त की. उन्होंने इस संबंध में भी सहमति व्यक्त की कि वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कन्सलटेशन एंड कोऑर्डिनेशन ऑन इंडिया-चाइना बॉर्डर अफेयर्स (WMCC) को भी अपनी बैठकें जारी रखनी चाहिए.
5. दोनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि जैसे ही स्थिति आसान होती है, दोनों पक्षों को सीमा क्षेत्रों में शांति और अमन बनाए रखने तथा विश्वास बनाए रखने के नए उपायों पर काम में तेजी लानी चाहिए.