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चीन से निपटने को तैयार भारत, लद्दाख बॉर्डर पर जवानों को मिली इग्ला मिसाइल

भारत और चीन के बीच मई के महीने से लद्दाख बॉर्डर पर तनाव की स्थिति है. इस बीच भारत की ओर से चीन की हर चालाकी को जवाब देने के लिए तैयारी की जा रही है.

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चीन बॉर्डर पर सतर्क है भारत (फाइल फोटो)
चीन बॉर्डर पर सतर्क है भारत (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लद्दाख बॉर्डर पर भारत की पैनी निगाहें
  • जवानों को दी गई इग्ला मिसाइलें
  • एयरस्पेस में घुसने से दुश्मन को रोकेंगी

चीन की किसी भी तरह की चालाकी से निपटने के लिए भारतीय सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं. ईस्टर्न लद्दाख बॉर्डर पर जारी तनाव के बीच भारत ने अपने जवानों को इग्ला मिसाइल के साथ तैनात किया है. ये मिसाइल ऐसे वक्त में काम आती हैं, अगर दुश्मन किसी भी तरह से हमारे एयरस्पेस में घुसने की कोशिश करता है तो उसे नाकाम किया जा सकता है.

इग्ला मिसाइल के जरिए कोई भी जवान कंधे से ही वार कर सकता है, जो कि हेलिकॉप्टर और फाइटर हेलिकॉप्टर को ढेर कर सकती हैं. सरकारी सूत्रों ने आजतक को बताया कि भारतीय जवानों को इग्ला मिसाइल सिस्टम सौंपा जाएगा, जो दुश्मनों को भारतीय एयरस्पेस में आने से रोकेगा.

यानी दुश्मन का कोई भी विमान या ड्रोन अगर भारतीय सीमा में घुसता है तो उसके लिए ये इग्ला मिसाइलें खतरा हैं. इनका इस्तेमाल वायुसेना और थल सेना दोनों ही करती हैं. इनका इस्तेमाल Man Portable Air Defence Systems (MANPADS) के तौर पर किया जाता है, जो इन्हें करीब आने से रोकती है.

साफ है कि लद्दाख इलाके में चीन की किसी भी तरह की चाल से निपटने के लिए भारतीय सेनाएं तैयार हैं, बीते दिनों CDS बिपिन रावत की ओर से भी यही बयान दिया गया था.

बिपिन रावत ने अपने बयान में कहा था कि अगर LAC पर बातचीत से हल नहीं निकलता है, तो फिर सेना के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा सकता है. गलवान घाटी की घटना के बाद भारत और चीन की सेनाएं कई राउंड की बात कर चुकी हैं, हालांकि अभी तक कोई निर्णय नहीं निकल पाया है.

भारत और चीन के बीच मई के महीने से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है. गलवान घाटी में 15 जून को दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प भी हुई थी, जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे.

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