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मेहुल चोकसी के खिलाफ भारत ने डोमिनिका कोर्ट में दाखिल की 2 याचिकाएं

पीएनबी घोटाले के आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी मामले को लेकर भारत की ओर से डोमिनिकन कोर्ट में 2 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. साथ ही कई भारतीय अधिकारी डोमिनिका के अलावा इंग्लैंड में हैं जो पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं.

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भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी (फाइल-ITGD)
भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी (फाइल-ITGD)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यर्पण की कोशिश में है सरकार
  • CBI और विदेश मंत्रालय दोनों ने दाखिल की याचिकाएं
  • याचिकाएं स्वीकार हुईं तो हरीश साल्वे करेंगे प्रतिनिधित्व

पीएनबी घोटाले के आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी मामले को लेकर भारत की ओर से डोमिनिकन कोर्ट में 2 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. साथ ही कई भारतीय अधिकारी डोमिनिका के अलावा इंग्लैंड में हैं जो पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं.

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भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यर्पण सुनिश्चित करने के लिए भारत की ओर से डोमिनिका हाई कोर्ट के समक्ष अभियोग याचिका दायर की हैं. ये अभियोग याचिकाएं केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और विदेश मंत्रालय की ओर से दायर की गई हैं.

डोमिनिका में मेहुल चोकसी की अवैध एंट्री पर सोमवार सुबह नौ बजे ट्रायल की शुरुआत होगी. इस दौरान, चोकसी को कोर्ट में उपस्थित रहना होगा.

सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की याचिका मेहुल चोकसी की आपराधिक गतिविधियों और उसकी भगोड़ा स्थिति पर केंद्रित है जबकि विदेश मंत्रालय की याचिका चोकसी की भारतीय नागरिकता की स्थिति पर केंद्रित है.

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यदि इन याचिकाओं को कोर्ट द्वारा स्वीकार कर लिया जाता है तो वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे सीबीआई और विदेश मंत्रालय सहित भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे.

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आजतक/इंडिया टुडे को यह भी पता चला है कि हरीश साल्वे की सहायता के लिए कई एजेंसियों के अधिकारी इंग्लैंड में हैं और डोमिनिकन अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए डोमिनिका में हैं. डोमिनिका के हाई कोर्ट ने शुक्रवार को मेहुल चोकसी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी.

सूत्रों का कहना है, जब डोमिनिका में मेहुल चोकसी के अवैध प्रवेश का मामला डोमिनिका में खत्म हो जाएगा तो उसे उस देश में निर्वासित करना होगा जहां का वह एक कानूनी नागरिक है.

चोकसी घोटाले का मास्टरमाइंडः जांच एजेंसी

जांच एजेंसियों ने डोमिनिका की अदालत के समक्ष दाखिल अपनी याचिका में कहा है कि मेहुल चोकसी घोटाले का मास्टरमाइंड है और उसने अवैध रूप से एलओयू हासिल करने के लिए जेडी बैंक के अधिकारियों के साथ साजिश रची.

ईडी का कहना है कि उन्हें ऐसे सबूत मिले हैं जो नकली फर्मों और बाजार संचालकों के माध्यम से धन जमा करने और धन शोधन से संबंधित हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दुबई, हॉन्गकॉन्ग आदि देशों में फर्जी तरीके से राउंड ट्रिपिंग हुई है.

भारत सरकार द्वारा की गई शिकायत पर इंटरपोल द्वारा मेहुल चौकसी के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया गया था क्योंकि वह भगोड़ा आरोपी था. यह हलफनामा मेहुल चोकसी की आपराधिक गतिविधियों पर केंद्रित है और कानून का सामना करने से बचने के लिए वह देश से भाग गया.

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