दसां एविएशन ने अब तक 36 लड़ाकू विमानों में से 26 राफेल भारत को दे दिए हैं. रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने बुधवार को एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत को दसां एविएशन से अब तक 26 राफेल विमान मिल चुके हैं. राफेल सौदे के तहत भारत को कुल 36 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति होनी है. भट्ट ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, '36 राफेल विमान की आपूर्ति प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है. आज की तारीख तक 26 विमान मिल चुके हैं.'
चार साल पहले 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए 59,000 करोड़ रुपये के सौदे पर भारत और फ्रांस की सरकारों ने हस्ताक्षर किये थे. पहला राफेल विमान पिछले साल 29 जुलाई को देश में आया था.
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के जुलाई के अंत तक राफेल लड़ाकू विमान के दूसरे स्क्वॉड्रन का संचालन करने की संभावना है और इसे पश्चिम बंगाल के हाशिमारा वायुसेना अड्डे पर तैनात किया जायेगा. राफेल विमानों का पहला स्क्वॉड्रन हरियाणा के अंबाला वायुसेना स्टेशन पर तैनात है.
और पढ़ें- जुलाई के अंत में देश को मिलेगा दूसरा राफेल बेड़ा, हाशिमारा एयरबेस पर तैनाती
59,000 करोड़ रुपये में डील
भारत द्वारा लगभग 59,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 विमानों की खरीद के लिए फ्रांस के साथ एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लगभग चार साल बाद, अत्याधुनिक पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप 29 जुलाई, 2020 को भारत पहुंची थी.
वर्तमान में आईएएफ के पास 26 राफेल विमान हैं और शेष विमान 2022 तक आने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि पहला स्क्वॉड्रन पाकिस्तान से लगती पश्चिमी सीमा और उत्तरी सीमा की निगरानी करेगा. दूसरा स्क्वॉड्रन भारत के पूर्वी सीमा क्षेत्र की निगरानी करेगा.
फ्रांस द्वारा निर्मित बहु भूमिका वाले पांच राफेल लड़ाकू विमानों को पिछले साल 10 सितम्बर को अंबाला में हुए एक समारोह में भारतीय वायु सेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था.
भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने कहा कि राफेल के दूसरे स्क्वाड्रन को जुलाई के अंत तक हाशिमारा में अगले मुख्य परिचालन अड्डे पर संचालित किया जाएगा. एक स्क्वॉड्रन में लगभग 18 विमान होते हैं.