नमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय ब्राजील पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी जी-20 समिट में हिस्सा लेने ब्राजील के रियो डी जनेरियो पहुंचे, जहां उनका स्वागत संस्कृत के मंत्रोच्चारण के साथ किया गया. पीएम मोदी ने बताया की उन्हें समिट में कई नेताओं से मिलने की उम्मीद है.
पीएम मोदी की ब्राजील यात्रा के बीच अब इस बात को लेकर चर्चा की जा रही है कि आखिर भारत और ब्राजील के बीच रिश्ते कितने गहरे हैं और जब भारत और ब्राजील एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं तो किसे फायदा होता है. तो आइए आपको बताते हैं कि भारत और ब्राजील के रिश्तों के पीछे की गहराई की वजह क्या है.
ब्राजील से क्या इंपोर्ट करता है भारत?
किन्हों दो देशों के बीच रिश्ते अच्छे होने का एक बड़ा आधार बिजनेस होता है. सामान्यता ऐसा देखा गया है कि जब दो देशों के बीच अच्छा बिजनेस होता है तो उनके रिश्तों में मनमुटाव आने की संभावना बहुत कम रहती है. वैसे तो भारत, ब्राजील से काफी कुछ इंपोर्ट करता है, लेकिन इसमें कुछ चीजें सबसे ज्यादा अहम हैं. इनमें कच्चा तेल, सोया तेल, सोना, कच्ची चीनी, एस्बेस्टस, तांबा अयस्क, लौह अयस्क, मैंगनीज, राजमा, लोबिया, वाल्व, मोटर पंप आदि शामिल हैं.
भारत से क्या इंपोर्ट करता है ब्राजील
ऑर्गेनिक केमिकल, डीजल, फार्मास्यूटिकल्स और रसायन, ऑटो घटक और यांत्रिक और विद्युत उपकरण सहित इंजीनियरिंग सामान, परिधान और वस्त्र उत्पाद, लोहा और इस्पात (और उत्पाद), प्लास्टिक, सिरेमिक जैसे प्रोडक्ट हम ब्राजील से इंपोर्ट करते हैं.
वैश्विक मंचों पर साथ करते हैं काम
भारत और ब्राजील के संबंधों को स्थापित हुए 76 साल हो चुके हैं. दोनों देश कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक साथ काम करते हैं, जिनमें ब्रिक्स, आईबीएसए, जी4, जी20, बेसिक जैसे मंच शामिल हैं. दोनों देशों के बीच पिछले कुछ सालों में व्यापार और निवेश बढ़ा है. दोनों जैव ऊर्जा जैसे जरूरी क्षेत्रों में सहयोग भी कर रहे हैं.
दोनों देशों के बीच बिजनेस का हाल
2008 में दोनों देशों के बीच 4.66 बिलियन अमेरिकी डॉलर का व्यापार होता था, जो 2014 तक 11.42 बिलियन डॉलर तक पहुंचा. लेकिन केंद्र की मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत और ब्राजील के बीच 2022 तक व्यापार 15.20 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था. दोनों देशों के बीच बिजनेस होने पर भारत के एक्सपोर्ट की तादाद ज्यादा रहती है.