कोरोना संकट के बीच आज गुरुवार को SAARC विदेश मंत्रियों की वर्चुअल बैठक हुई जिसमें विदेश मंत्री जयशंकर ने सीमा पार से जारी आतंकवाद का मुद्दा उठाया, साथ ही उन्होंने सार्क के सामने तीन बड़ी चुनौतियों का जिक्र भी किया.
सार्क विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत ने पाकिस्तान के सामने आतंकवाद का मुद्दा उठाया. साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह भी कहा कि सार्क के सामने तीन सबसे बड़ी चुनौतियां सीमापार से आतंकवाद, व्यापार में बाधा, कनेक्टिविटी में रुकावट हैं जिनका समाधान किया जाना चाहिए.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि आज SAARC विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक को संबोधित किया. नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के प्रति भारत की ओर से प्रतिबद्धता और दक्षिण एशिया के एकीकृत, सुरक्षित तथा समृद्धि को लेकर जिक्र किया गया.
बैठक में भारत की ओर से कहा गया कि भारत आतंकवाद और इसके प्रायोजकों का मुकाबला करने के लिए अधिक सामूहिक प्रयासों का आह्वान करता है. अफगान शांति प्रक्रिया के लिए भारत का समर्थन यह पुष्टि करता है कि वह राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है और लोकतांत्रिक प्रगति को संरक्षित करता भी है. बैठक में भारत, चीन, पाकिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के विदेश मंत्री उपस्थित रहे.
इससे पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सार्क बैठक में अपने भाषण में कश्मीर का जिक्र नहीं किया. पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने अपने भाषण में संयुक्त राष्ट्र चार्टर और प्रस्तावों को लागू करने समेत कई मुद्दों का जिक्र किया जबकि वह कश्मीर का जिक्र करने से बचते दिखे.
इससे पहले सार्क बैठक के दौरान पाकिस्तान की ओर से बैकग्राउंड में कोई नक्शा नहीं लगाया गया.