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'आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई को समझते हैं', पाकिस्तान में ईरान के मिसाइल अटैक पर भारत का बयान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'यह मामला ईरान और पाकिस्तान के बीच का है. जहां तक भारत की बात है. आतंकवाद के खिलाफ हमारी नीति जीरो टॉलरेंस वाली है. हम उन एक्शन को समझते हैं जिन्हें देश आत्मरक्षा में लेता है.

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पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर ईरान का हमला
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर ईरान का हमला

पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर ईरान ने मंगलवार को एयरस्ट्राइक की थी. इस पर अब भारत का भी बयान आ गया है. भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि हम मानते हैं कि इस एक्शन का फैसला आत्मरक्षा में लिया गया था.

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विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में बताया कि ईरान की पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक के बाद इस पर भारत की प्रतिक्रिया मीडिया द्वारा मांगी जा रही है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'ये मामला ईरान और पाकिस्तान के बीच का है. जहां तक भारत की बात है. आतंकवाद के खिलाफ हमारी नीति जीरो टॉलरेंस वाली है. हम उन एक्शन को समझते हैं जिन्हें देश आत्मरक्षा में लेता है.'

बता दें कि ये बयान पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से सटे देश के अशांत प्रांत में ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक सदस्य को गोली मारे जाने की घटना के कुछ घंटों के भीतर आया है. बता दें कि बलूचिस्तान में जैश अल-अद्ल के ठिकानों पर ईरान की एयरस्ट्राइक के बाद ये हमला किया गया है. 

एयरस्ट्राइक पर क्या बोला था ईरान?

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इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन ने कहा था कि हमने पाकिस्तान के भीतर आतंकी संगठन पर हमला किया. इसका गाजा से कोई लेना-देना नहीं है. हम हमास को आतंकी संगठन नहीं चाहते. हमास फिलिस्तीन की आजादी के लिए एक प्रतिरोधी समूह है. 

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमि फोरस से इतर इस मामले पर सवाल किया गया था. उन्होंने कहा था कि ईरान ने किसी पाकिस्तानी नागरिक को निशाना नहीं बनाया. हमने सिर्फ जैश अल-अदल के ठिकानों पर ही हमला किया था. 

बता दें कि मंगलवार रात ईरान ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले कर दिए थे. ईरान को ये शक था कि उसका पुराना दुश्मन सऊदी अरब पाकिस्तान की सीमा से उस पर हमला करने वाले आतंकी संगठन जैश-अल-अदल आतंकी गुट को शह दे रहा है. 

ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि हमारे मिसाइल और ड्रोन हमले से पाकिस्तान में किसी भी नागरिक को निशाना नहीं बनाया गया. पाकिस्तान में जैश अल-अद्ल नाम का एक ईरानी आतंकी संगठन है. इन आतंकियों ने पाकिस्तान के सिस्तान-बलूचिस्तान के कुछ हिस्सों में पनाह ली है. 

उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तान में कई अधिकारियों से बात की है. इन आतंकियों ने ईरान में हमारे खिलाफ कुछ ऑपरेशन किए. हमारे सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया. हमने उसी के अनुरूप इन पर कार्रवाई की है. हमने पाकिस्तान की जमीं पर सिर्फ ईरान के आतंकियों पर हमला किया है. 

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उन्होंने कहा कि मैंने पाकिस्तान के हमारे विदेश मंत्री से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि हम पाकिस्तान का सम्मान करते हैं, उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हैं. लेकिन हम हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते. हमारी कुछ आपत्तियां थीं. हमने जो भी किया, वह पाकिस्तान और इराक की सुरक्षा के मद्देनजर ही किया.

600 आतंकियों का संगठन है जैश अल अदल

जैश-अल-अद्ल यानी कि "न्याय की सेना" 2012 में स्थापित एक सुन्नी आतंकवादी समूह है जो बड़े पैमाने पर पाकिस्तान में ऑपरेट होता है. पाकिस्तान के सिस्तान-बलूचिस्तान से ऑपरेट करना वाला ये आतंकी संगठन ईरान और पाकिस्तान की सीमा पर काफी एक्टिव है. यही वजह है कि ये संगठन दोनों ही सरकारों के लिए सिरदर्द बना हुआ है.

अमेरिका और ईरान दोनों ही इस संगठन को आतंकी घोषित किया हुआ है. इस सुन्नी संगठन में 500 से 600 आतंकी हैं. ईरान के मंत्री अहमद वाहिदी के अनुसार, पिछले महीने, दक्षिणपूर्वी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान के एक पुलिस स्टेशन पर रात को हुए हमले में कम से कम 11 ईरानी पुलिस अधिकारी मारे गए थे. ईरान ने इस घटना के लिए जैश-अल-अद्ल को दोषी ठहराया था. 

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