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पूर्वी लद्दाख में पीछे नहीं हटेगी सेना, चीन के प्रस्ताव को भारत ने ठुकराया

सूत्रों ने कहा कि चीन ने यह प्रस्ताव इसलिए दिया है क्योंकि भारत ने साफ शब्दों में कह दिया है कि चीनी सेना फिंगर फोर और फिंगर फाइव इलाके को पूरी तरह खाली करे और सिरीजाप इलाके में यथास्थिति बहाल करे.

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हिमाचल में सेना के ट्रक
हिमाचल में सेना के ट्रक
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्वी लद्दाख में बराबर दूरी तक हटने की मांग
  • भारत को अपनी जमीन खोने का है डर
  • प्रस्ताव ठुकराया, कहा- वार्ता से सुलझाएं मुद्दा

भारत ने चीन की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें उसने कहा है कि दोनों सेनाएं समान दूरी तक पीछे हटें. चीन ने मांग की है कि पैंगोंग शो इलाके में भारत की सेना उतनी ही पीछे हटे जितनी चीनी सेना. भारत ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है.

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सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत ने इस मांग को इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि इससे जमीन की हानि की आशंका है. सूत्रों ने आजतक/इंडिया से कहा, फिंगर एरिया में विवाद निपटाने के लिए चीनी पक्ष ने सुझाव दिया है कि दोनों देशों की सेना समान दूरी में पीछे हटे और एक बफर जोन बनाया जा सके. सूत्रों ने कहा कि चीन ने यह प्रस्ताव इसलिए दिया है क्योंकि भारत ने साफ शब्दों में कह दिया है कि चीनी सेना फिंगर फोर और फिंगर फाइव इलाके को पूरी तरह खाली करे और सिरीजाप इलाके में यथास्थिति बहाल करे.  

फिंगर एरिया लंबे समय से विवाद की जड़ बना हुआ है. तीन महीने से ज्यादा वक्त बीत गए जब दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सामने बनी हुई हैं. शिनजियांग इलाके में सैन्य अभ्यास के नाम पर चीनी सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के कई इलाकों में घुसपैठ कर ली. पूर्व लद्दाख में चीनी सेना अब भी बनी हुई है जिसके बाद भारत ने भी अपनी बड़ी फौज वहां खड़ी कर दी. हाल-फिलहाल सेनाओं के पीछे हटने के संकेत नहीं हैं. सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्ष सैन्य स्तर पर वार्ता तेज करेंगे और आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की बातचीत होगी.

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इस बीच सेना के शीर्ष स्तर से सभी फील्ड कमांडर्स को कहा गया है कि किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें. एलएसी पर जारी तनाव को देखते हुए किसी भी एक्शन के लिए तैयार रहने को कहा गया है. भारत और चीन की वार्ता में पैंगोग लेक ही सबसे बड़ा मुद्दा है क्योंकि भारत इस इलाके में चीनी फौज की मौजूदगी के खिलाफ है. इस लेक के फिंगर 5 इलाके में चीनी फौज लंबे दिनों से जमी है जबकि पूर्व में यह इलाका भारत के कब्जे में रहता आया है.

पूर्वी लद्दाख इलाके में दोनों देशों के बीच पिछले 3 महीने से तनाव बना हुआ है. चीनी सेना ने यहां कुछ निर्माण गतिविधियां शुरू की थीं जिस पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया. ठीक उसी तरह चीन भी पूर्वी लद्दाख में भारत के निर्माण कार्यों का विरोध करता है. भारत पर दबाव बनाने के लिए और निर्माण कार्य रुकवाने के लिए उसने अपनी फौज खड़ी की है. भारत ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए अपनी चौकसी बढ़ाई है. आने वाले दिनों में इसमें और इजाफा हो सकता है क्योंकि रक्षा मंत्री खुद बोल चुके हैं कि हाल-फिलहाल सेना हटाने की कोई योजना नहीं है.

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