भारत में कब आएगी कोरोना की वैक्सीन, डॉ. गुलेरिया ने बताया वक़्त, क्लिक कर पढ़ें पूरी ख़बर
बेस्ट लॉजिटिक्स सर्विस प्रोवाइडर का अवॉर्ड मिला डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशन को.
बेस्ट कोविड-19 रिलेटेड इन्नोवेटिव ऐक्टिविटी का अवॉर्ड माईलैब डिस्कवरी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को. इस लैब ने भारत में कोरोना टेस्ट किट उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई.
हेल्थकेयर सर्विसेज के लिए बेस्ट एनजीओ के लिए कैरिटस इंडिया को अवॉर्ड मिला.
केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी को उनकी जयंती पर नमन किया. डॉ. हर्षवर्धन ने अपने संबोधन में कहा, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पूरी दुनिया ने सम्मान दिया है लेकिन अगर किसी प्रधानमंत्री ने सच्ची श्रद्धांजलि दी है तो हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने दी है. एक स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते मुझे इस बात की खुशी है कि उन्होंने स्वच्छता अभियान चलाया. भारत के ऐसे-ऐसे शहर देश के स्वच्छ शहर बन गए जिसकी पहले कल्पना नहीं की जा सकती थी. मैं हमेशा याद करता हूं कि पीएम मोदी ने जब ये अभियान चलाया था तो उन्होंने कहा था कि देश में एक लाख महात्मा गांधी हो जाएंगे तो देश की तमाम समस्याओं का समाधान हो जाएगा. अगर भारत के लोग इस अभियान को अपना अभियान मानकर शामिल होंगे तो ये सफल होगा. डॉ. हर्षवर्धन ने इंडिया टुडे ग्रुप चेयरमैन अरुण पुरी को सफाईगीरी जैसा कार्यक्रम चलाने के लिए आभार व्यक्त किया. डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अगर इंडिया टुडे जैसे चैनल स्वास्थ्य के क्षेत्र में लग जाएं तो हमने भारत को लेकर जो सपना देखा है, स्वास्थ्य को लेकर जो सोशल मूवमेंट खड़ा करना चाहते हैं, उसे साकार करने में मदद मिल सकती है.
इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी ने इस कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘इंडिया टुडे सफाईगीरी सम्मेलन और अवॉर्ड्स के छठे संस्करण में आप सबका स्वागत है. साल 2014 से ही इस अवॉर्ड का आयोजन करना हमारे लिए सम्मान और साभाग्य की बात है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया टुडे ग्रुप को और मुझे स्वच्छ भारत के दूत के रूप में नामित किया था. जैसा कि आप देख सकते हैं, इस कोरोना की नई दुनिया में हम इस आयोजन को वर्चुअली कर रहे हैं. हम इस वायरस के सामने खुद को पस्त नहीं होने देंगे. हम सबको उम्मीद के साथ जीना चाहिए न कि भय के साथ.’
अपने संबोधन में अरुण पुरी बोले, ‘जैसा कि आप सब जानते हैं, दुनिया करीब एक साल से कोरोना महामारी से जूझ रही है. हाल के इतिहास की बात करें तो यह दुनिया का ऐसा सबसे गंभीर स्वास्थ्य संकट है, जिसका सामना हमें करना पड़ा है. दुनियाभर में कोविड—19 के 3.4 करोड़ से ज्यादा पुष्ट मामले हो चुके हैं और 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना वायरस के प्रसार पर अंकुश के लिए भारत में देशव्यापी लॉकडाउन लागू करने के बाद आज 192 दिन हो चुके हैं.’
इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन @aroonpurie ने #Healthgiri अवॉर्ड में कहा- कोरोना के दौर में हमें डर के साथ नहीं उम्मीद के साथ जीना है
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कविता कृष्णमूर्ति ने बताया कि मैंने लॉकडाउन में एक बात बहुत जरूरी सीखी कि अगर संगीत मेरी जिंदगी में नहीं होता तो मेरे लिए ये वक्त काटना बहुत मुश्किल होता. जब आप घर पर अकेले हैं तो कौन सी चीज है जो मेरे लिए खाने से भी ज्यादा जरूरी होता है, वो है संगीत. कॉन्सर्ट में जाना और शूट करना बंद कर दिया है. सिंगर अपने गले को लेकर चिंतित रहते हैं कि ये खाऊं वो नहीं खाऊं. मैंने इन 6 महीनों में सब कुछ खाया है. मैंने सीखा कि आप कुछ भी खाइए बस लिमिट में खाइए. मैंने लैपटॉप में माइक लगाकर गाना भी सीखा है.
#Healthgiri | गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने बताया कि कैसा बीत रहा है कोरोना काल, साथ ही साझा किए बीते वक्त के किस्से@SwetaSinghAT
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डॉ. सेठ ने कहा, लोग सोचते हैं कि मैं तो युवा हूं, मैं कोरोना से संक्रमित हो भी जाऊंगा तो कुछ नहीं होगा. लेकिन उन्हें ये नहीं समझ आता है कि वे अपने परिवार के सदस्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं. इसलिए युवाओं को अपने परिवार को सुरक्षित करने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए.
डॉ. अशोक सेठ ने हेल्थगीरी कार्यक्रम में कहा, हिंदुस्तान को अगर हर्ड इम्युनिटी चाहिए तो करीब 70 फीसदी आबादी में कोरोना का संक्रमण होना जरूरी है. वैक्सीनेशन का भी यही मतलब है कि लोगों को हम इम्युनिटी देते हैं. लेकिन हर्ड इम्युनिटी के तहत जब हम लोगों को कोरोना से संक्रमित होने देंगे तो तमाम लोगों की मौत होंगी. अगर 2 फीसदी आबादी भी कोरोना का शिकार होती है तो भारत में करोड़ों लोग मरेंगे. स्वीडन ने भी हर्ड इम्युनिटी पाने की कोशिश की थी लेकिन उसे भी कदम पीछे खींचने पड़े.
जसपाल अस्पताल के डॉ. राजेश पारिख ने कहा, लोगों की मानसिक स्थिति पर भी कोरोना वायरस का बहुत असर हो रहा है. कोरोना वायरस का सिर्फ अल्प अवधि के लिए ही नहीं बल्कि लंबे वक्त के लिए भी बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन जारी की गई हैं. परिवार को देखना चाहिए कि कोई अचानक शांत हो गया है तो उसे मनोचिकित्सक को दिखाना चाहिए. आपको योग और ध्यान करना चाहिए. लोगों को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए. नींद ना लेने से तनाव बढ़ता है. लोगों को अपना रूटीन बनाए रखना चाहिए. परिवार के साथ बातचीत करनी चाहिए.
हरिहन ने कहा कि लोगों को दो वक्त का खाना साथ में खाने की जरूरत है और उस वक्त फोन या कोई लैपटॉप नहीं होना चाहिए. तब आपको सिर्फ गप्पे मारने की जरूरत है. क्योंकि वो आज मुश्किल हो गया है. क्योंकि आप इतने अरसे से बात नहीं कर रहे हैं इसलिए बातें करना नई चीज हो गया है. बच्चों और टीनेजर्स के लिए ये ज्यादा मुश्किल हो गया है.
#Healthgiri | @SingerHariharan ने अपनी सुरीली आवाज़ में 'कोरोना वॉरियर्स' को किया सलाम
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दिग्गज सिंगर हरिहरन ने कहा कि घर पर बैठकर हम सुरक्षित हैं. लेकिन हम जब भी जाते हैं तो बहुत सोचविचार कर जाते हैं कि क्या हम सही कर रहे हैं. कोरोना वॉरियर्स के बारे में सोचिए वो खतरे में जाते हैं और दूसरों के बारे में सोचते हैं, अपने बारे में उतना नहीं सोचते. जो वो काम करते हैं वो उसको पूजते हैं, देखा जाए तो वो भी एक युद्ध का मैदान ही है.
क्या महामारी खत्म होने के बाद हेल्थगीरी को अहमियत बढ़ जाएगी? डॉ. गुलेरिया ने कहा कि कोरोना ने दिखा दिया है कि अगर सेहत नहीं है तो फिर ना तो अर्थव्यवस्था चलेगी और ना ही कुछ और. इसलिए सेहत है तो सब कुछ है.
डॉ. गुलेरिया ने कहा कि कुछ रिस्क फैक्टर तो हैं ही. जैसे बुजुर्ग लोगों को ख़तरा ज़्यादा होता है. लेकिन इसके अपवाद भी सामने हैं. 90 साल की एक महिला मरीज आई और वह आसानी से रिकवर होकर घर चली गई. इसे लेकर तमाम स्टडीज हो रही हैं. शरीर और कोरोना के बीच कैसा संबंध है, ये देखना होगा. शुरू में कुछ कहना बड़ा मुश्किल होता है कि किसे कोरोना ज्यादा बीमार करेगा और किसे कम.
डॉ. गुलेरिया ने कहा कि जब भी एक नया वायरस आता है तो एक डर पैदा होता है. एचआईवी के वक्त भी ऐसा ही डर देखने को मिलता था. कई हेल्थ वर्कर्स को शुरुआत में डर लत रहा था कि कहीं उनको और उनके परिवार को तो कोरोना का संक्रमण नहीं हो जाएगा. लेकिन अब उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है. अब उन्हें ये लगता है कि पीपीई किट पहनकर वे अपना बचाव कर सकते हैं. जाहिर तौर पर हेल्थ वर्कर्स पर दबाव बहुत ज्यादा है. लॉकडाउन से पहले अन्य बीमारियों के मरीज कम आ रहे थे लेकिन अब ऐसा नहीं है.
लैंसेट मैगज़ीन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत कोरोना वायरस से मौत के असली आँकड़े छिपा रहा है. इसे लेकर डॉ. गुलेरिया ने कहा कि कोरोना को लेकर डेटा छिपाया नहीं जा रहा है. कोरोना को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है.
भारत में हर रोज़ कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं. क्या भारत में कोरोना का पीक आ गया है? इस सवाल के जवाब में डॉ. गुलेरिया ने कहा कि अगर हम प्रति दस लाख आबादी पर कोरोना से मौतें और मामलों की बात करें तो वो अब भी कम है. कोरोना वायरस के कुल मामले ज़्यादा हैं लेकिन अगर पिछले कुछ दिनों की बात करें तो लगभग आंकड़े स्थिर हैं. अगर ये आंकड़ा अगले कुछ हफ़्तों तक स्थिर रहता है तो हम कह सकते हैं कि हमारे यहाँ पीक आ चुका है.
डॉ. गुलेरिया ने कहा, जब भी हम वैक्सीन का ट्रायल करते हैं तो जानवरों पर लंबे वक्त तक ट्रायल करते हैं. वक्त बचाने के लिए पहले, दूसरे और तीसरे फेज का ट्रायल साथ चल रहा है. जब हम वैक्सीन उतारेंगे तो जिन लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी तो उनकी भी निगरानी होगी कि कहीं उन पर कोई साइड इफेक्ट तो नहीं हो रहा है. अलग-अलग उम्र के लोगों और नस्ल के लोगों में भी वैक्सीन के प्रभाव को देखना होगा.
आजतक के खास कार्यक्रम में एम्स के निदेशक डॉ. गुलेरिया भी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि दुनिया को एक से डेढ़ साल में कोरोना संकट से निजात मिल सकती है. इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी, 2021 तक कोरोना की वैक्सीन आ सकती है. डॉ. गुलेरिया ने कहा कि अगर इस महामारी को खत्म करना है तो प्रायोरिटी के साथ वैक्सीनेशन होना चाहिए. अगर कुछ लोग लगा लेंगे तो ऐसे पैनडेमिक खत्म नहीं होती. इसलिए WHO ने गाइडलाइन्स बनाई हैं.
शिल्पा ने कहा, "मैं बहुत किस्मत वाली हूं कि मेरा परिवार यहां है. बहुत से लोग अपने परिवार के साथ नहीं हैं. शायद फोन पर आप उनसे बात कर लें लेकिन आप उनके करीब नहीं हैं. जो अपने परिवार के साथ नहीं हैं वो परिवार से बात करते रहें. जो परिवार के साथ हैं वो खुश हैं."
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हेल्थगिरी में सिंगर शिल्पा राव ने कहा कि हम हमेशा अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते हैं लेकिन हम अपनी ड्यूटी भूल जाते हैं. सोशल डिस्टेंसिंग हमारी ड्यूटी है जो कि हम भूल जाते हैं.
चीन में कोरोना वायरस के कंट्रोल को लेकर डॉ. त्रेहान ने कहा, चीन ने अपने यहां कोरोना को कंट्रोल कर लिया. इसका मतलब था कि उन्हें इसका पता था लेकिन उन्होंने बाकी दुनिया को सही वक्त पर जानकारी नहीं दी.
डॉ. त्रेहान ने सिनेमा में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा, कई लोग एयरपोर्ट्स में जाते वक्त तो मास्क पहनते हैं लेकिन निकलते ही मास्क निकाल देते हैं. सिनेमा खोलने पर भी ये हो सकता है कि लोग में अनुशासन खत्म हो. ये नहीं होना चाहिए कि लोग सिनेमा से निकलकर लोग मास्क निकालकर बात करने लगे. सरकार की तरफ से जो प्रोटोकॉल बनाए गए हैं, अगर हम उनका पालन करेंगे तो दिक्कत नहीं होगी.
अनलॉक के पांचवे चरण में सिनेमा खोले जाने के सरकार के फैसले पर डॉ. त्रेहान ने सरकार ने बहुत विचार करने के बाद ही बहुत देरी से सिनेमा खोलने का फैसला किया है. सरकार ने कई नियम बनाए हैं- जैसे कि कितनी क्षमता में सिनेमा खोलना है, क्या सावधानी बरतनी हैं, अब इन प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. लोगों की भी ये जिम्मेदारी होगी.
कई लोग अब कोरोना के संक्रमण को लेकर बहुत बेफिक्र हो गए हैं और बिना मास्क लगाए ही घूम रहे हैं. डॉ. त्रेहान ने कहा, कई युवा बहुत हेल्दी थे वो कोरोना के शिकार होकर इस दुनिया से चले गए. कई युवाओं को जब कोरोना हुआ तो उन्हें पता भी नहीं चला और उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों में भी कोरोना फैला दिया. इसलिए कोरोना को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है. कई देशों में लापरवाही की वजह से कोरोना की दूसरी लहर आ गई और फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ा.
डॉक्टर नरेश त्रेहान ने बताया कि हमें कोरोना से बचने के लिए सावधान रहने की जरूरत है इससे डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, "रोज हमें चिट्ठियां आती हैं तारीफ करने के लिए कि आपने हमारा इलाज किया और हम बच गए. लेकिन कई बार तनाव होता है, बेड नहीं मिलते तो हादसे भी होते हैं. तो हमें धैर्य रखना होगा क्योंकि घबराहट का स्तर बहुत बदल गया है. हमें उम्मीद नहीं थी कि ये लड़ाई 6 महीने चलेगी लेकिन जल्द ही खत्म होगी."
इंडिया टुडे ग्रुप के हेल्थगीरी कार्यक्रम में मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति के बाद अब मेदांता के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान शिरकत कर रहे हैं. डॉ. त्रेहान ने कहा है कि कोरोना से लड़ाई में लोगों का साथ सबसे ज्यादा जरूरी है. उन्होंने कहा, जिन लोगों को अस्थमा है या कोई और बीमारी है तो उन लोगों के लिए और कठिनाई खड़ी हो जाती है. जिन लोगों को दिल और फेफड़ों की बीमारी है तो इन लोगों को और भी अपने आप को सुरक्षित करना है. डायबिटीज के लोगों को भी ज्यादा खतरा है. अगर आप अपनी लापरवाही से घर के बुजुर्ग को कोरोना संक्रमण देते हैं तो आप अपने आप को कभी माफ नहीं कर पाएंगे. जनता की लड़ाई सबसे अहम बात है कोरोना से लड़ाई में.
गायिका @maithilithakur ने #Healthgiri अवॉर्ड की शुरुआत की अपनी मधुर आवाज़ के साथ, #MahatmaGandhi की जयंती पर सुनाया भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहिये...'@anjanaomkashyap
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2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर आज तक के खास कार्यक्रम हेल्थगिरी की शुरुआत मैथिली ठाकुर ने 'वैष्णव जन को' भजन के साथ की. इस खूबसूरत प्रस्तुति में मैथिली ठाकुर का साथ दिया ऋशभ ठाकुर और अयाची ठाकुर ने.
'इंडिया टुडे ग्रुप हेल्थगिरी अवॉर्ड्स' कार्यक्रम का आगाज शुक्रवार दोपहर 11.45 बजे से होगा. इसके बाद गायिका मैथिली ठाकुर 'वैष्णव जन' भजन गाएंगी. भजन के बाद कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत होगी. ये है पूरा कार्यक्रम...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों और स्वास्थ्य से जुड़े लोगों के सम्मान के लिए इंडियाटुडे ग्रुप 'इंडिया टुडे हेल्थगिरी अवॉर्ड्स का आयोजन कर रहा है, जो जानकर मुझे हार्दिक खुशी हुई. पत्रकारिता और मीडिया घराने कई गुना तेजी से सामाजिक और व्यावहारिक परिवर्तन ला सकते हैं. स्वच्छता दूत के तौर पर इंडिया टुडे ग्रुप का काम इसका एक सटीक उदाहरण है, जिससे स्वच्छ भारत अभियान को और भी ज्यादा शक्ति मिली.
पूरी खबर पढ़ें: आजतक का हेल्थगिरी कार्यक्रम आज, PM मोदी बोले- कोरोनावीरों का सम्मान शानदार काम
कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन पुरस्कार वितरित करेंगे. साथ ही इस मंच के जरिए सिनेमा जगत की कई दिग्गज हस्तियां अपने सुरीले अंदाज में कोरोना वॉरियर्स का शुक्रिया अदा करेंगी. 'इंडिया टुडे ग्रुप हेल्थगिरी अवॉर्ड्स' कार्यक्रम का आगाज शुक्रवार दोपहर 11.45 बजे से होगा. इसके बाद गायिका मैथिली ठाकुर 'वैष्णव जन' भजन गाएंगी. भजन के बाद कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत होगी.