45 करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी 3580 करोड़ रुपयों से ज्यादा. पाकिस्तान को इतनी रकम दे रहा है अमेरिका. काम ये है कि पाकिस्तान इन पैसों का अमेरिका से खरीदे हुए 39 साल पुराने F-16 फाइटर जेट्स के रखरखाव के लिए करेगा. भारत को इससे किस तरह का नुकसान होगा? उससे पहले हम एक कहानी पढ़ लेते हैं. कहानी विंग कमांडर अभिनंदन की. ज्यादा समय नहीं लगेगा. सिर्फ चार लाइन में कहानी खत्म और पाकिस्तानी F-16 फाइटर जेट की स्थिति भी पता चल जाएगी.
ये है कहानी... 27 फरवरी 2019 को विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को खबर मिली कि पाकिस्तानी F-16 फाइटर जेट सीमा पार करके अंदर घुसे हैं. अभिनंदन ने अपने MiG-21 Bison फाइटर प्लेन से उनका पीछा किया. डॉग फाइट में वर्धमान पाकिस्तानी सीमा में चले गए. लेकिन इस दौरान उन्होंने अपने MiG-21 से पाकिस्तान के F-16 फाइटर जेट को मार गिराया. पाकिस्तान अपनी आदत से मजबूर इस बात से इंकार करता रहा. बेइज्जती जो हो रही थी दुनिया और अमेरिका के सामने. लेकिन सच तो सामने आ ही गया.
पाकिस्तान को क्यों चाहिए अमेरिका से ये राहत... असल में पाकिस्तान के पास अभी करीब 75 F-16 फाइटर जेट्स हैं. ये मल्टीरोल एफ-16 फाइटिंग फाल्कन (F-16 Fighting Falcon) पाकिस्तान के पास 1983 से हैं. पाकिस्तान के पास 37 F-16AM Block 15, 17 F-16BM Block 15, नौ F-16A Block 15 ADF, चार F-16B Block 15 ADF, 12 F-16B Block 15 ADF और छह F-16D Block 52+ फाइटर जेट्स हैं.
F-16 के लिए पाकिस्तान ने क्यों मांगी मदद
पाकिस्तान के पास सबसे पुराने एफ-16 फाइटर जेट्स को करीब 39 साल हो चुके हैं. पुराने हो रहे हैं. बिना रखरखाव के खराब हो जाएंगे. अब वो कोई साइकिल तो है नहीं कि कम खर्चें में मेंटेनेंस हो जाएगा. अब हाथी पालेंगे तो खर्चा भी वैसा ही आएगा. अक्सर पाकिस्तान की सरकार, सेना और उनके आंतरिक संघर्षों के कारण मिलिट्री अपग्रेडेशन में कमी रहती है. भारत लगातार अपनी तीनों सेनाओं के हथियार और यंत्रों को अपग्रेड कर रहा है. पाकिस्तान अपनी फितरत के मुताबिक इस बात से चिंतित होगा कि कहीं ऐसा न हो कि भारत ज्यादा ताकतवर हो जाए. उसकी करतूतों का मुंहतोड़ जवाब न दे दे. इसलिए भी रखरखाव और मरम्मत जरूरी है.
भारत पर क्या होगा इसका असर?
भारत या भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) पर इस अपग्रेडेशन से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. क्योंकि जंग हथियार, तकनीक और फाइटर्स के आधार पर ही नहीं जीती जाती. उसके लिए रणनीति और तात्कालिक सूझबूझ की जरूरत होती है. फिर आपके पास छोटा या कम ताकत का हथियार ही क्यों न हो आप दुश्मन पर भारी पड़ते हैं. अब आप पूछेंगे ऐसे कैसे? तो पहले हम तुलना कर लेते हैं भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) और पाकिस्तानी वायु सेना (Pakistan Air Force) की तुलना. आप जान लीजिए कौन कितना ताकतवर है?
भारतीय वायुसेना VS पाकिस्तानी वायुसेना
भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर वायु सेना मानी जाती है. जबकि पाकिस्तान का तो कहीं नाम भी नहीं है. WDMMA द्वारा दी जाने वाली इस ग्लोबल एयर पावर्स रैंकिंग में भारत तीसरे स्थान पर है. IAF के पास कुल 1926 एयरक्राफ्ट्स हैं. चीन के पास भारत से ज्यादा एयरक्राफ्टस हैं, लेकिन राफेल के आने, तेजस फाइटर जेट के अपग्रेड और कई अन्य तरह के आधुनिकीकरण से भारत की रैंकिंग उससे ऊपर है.
IAF के 1316 एयरक्राफ्ट किसी भी समय रेडी टू फ्लाई रहते हैं. भारत के पास 632 अटैक, 709 सपोर्ट और 304 ट्रेनिंग एयरक्राफ्टस हैं. भविष्य में 689 एयरक्राफ्ट्स खरीदे या बनाए जाएंगे. इंडियन एयरफोर्स के पास 438 हेलिकॉप्टर्स हैं. 250 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट्स, 7 रीफ्यूलर्स और 14 स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट्स हैं.
दुनिया की सबसे ताकतवर दस वायुसेना में पाकिस्तानी वायुसेना (Pakistan Air Force) कहीं नहीं आती. भारत के पास रूस से मिली 283 सुखोई-30 Mki (Su- 30 Mki) है. ये बेहद अत्याधुनिक फाइटर जेट्स हैं, जो किसी भी तरह के मौसम में युद्ध लड़ सकते हैं. फाइटर जेट्स सुपिरियारिटी की तो पाकिस्तान भारत के आगे कहीं नहीं टिकता.
मल्टी रोल फाइटर्स की बात करें तो भारत के पास 36 डैसो राफेल (Rafale) मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट, 69 मिकोयान मिग-29 (Mikoyan MiG-29) और 59 डैसो मिराज (Mirage) हैं. 123 तेजस (Tejas) का ऑर्डर दिया गया है, फिलहाल वायुसेना के पास 5 तेजस हैं. 139 स्पेकैट जगुआर (SEPECAT Jaguar) और 125 मिग-21 बाइसन एयरक्राफ्ट हैं.
पाकिस्तान के पास चीन का दिया 134 जेएफ-17 (JF-17) हैं. 50 नए अत्याधुनिक जेएफ-17 बेड़े में शामिल किए जाने हैं. इसके अलावा चेंगदू जे-10 सी (Chengdu J-10C) का ऑर्डर चीन को दिया गया है. इसकी डिलिवरी इस साल होने वाली है. 80 मिराज-3 फाइटर जेट्स और 90 मिराज-5 फाइटर जेट्स और 140 चेंगदू-एफ-7पीजी सर्विस में हैं. लेकिन एफ-16 और जेएफ-17 के अलावा कोई भी विमान मल्टी रोल नहीं है.
किसके पास कितने सैनिक...
IAF के पास 1.70 लाख से ज्यादा सैनिक हैं. 1.40 लाख रिजर्व फोर्स है. पाकिस्तानी वायुसेना में 70 हजार सक्रिय सैनिक हैं. 8 हजार रिजर्व फोर्स हैं. पाकिस्तानी वायुसेना के पास 970 से ज्यादा एयरक्राफ्ट्स हैं. अब आप यही समझिए की आधी से भी कम सैन्य ताकत लेकर पाकिस्तान किस तरह से भारतीय वायुसेना का सामना करेगा.
किसके पास कितने हेलिकॉप्टर्स
भारतीय वायुसेना के पास 22 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, 68 एचएल लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर, 15 चिनूक हैवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर, 150 एमआई-17वी-5एस हेलिकॉप्टर्स हैं. पाकिस्तान के पास फिलहाल कोई अटैक या कॉम्बैट हेलिकॉप्टर नहीं है. उसके पास खोजी और बचाव कार्यों के लिए हेलिकॉप्टर्स हैं. इसके अलावा एमआई-171 हैं. जो युद्ध में काम आता है.
अब बताते हैं कि भारत का कौन सा फाइटर जेट पाकिस्तान के F-16 पर भारी
PAK F-16 Fighting Falcon: यह एक मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है. इसकी कॉम्बैट रेंज 546 किमी है. फेरी रेंज 4200 किलोमीटर है. यह 254 मीटर प्रति सेकेंड की गति से ऊपर उठता है. यह अधिकतम 18 हजार फीट तक जा सकता है. इसकी अधिकतम गति 2178 किलोमीटर है. एफ-16 का राडार 84 किलोमीटर के दायरे में केवल 20 टारगेट को ही पहचान सकता है. इसमें 11 हार्ड प्वाइंट्स लगे हैं. यानी इतने बम, रॉकेट, मिसाइल या फिर इनका मिश्रण बनाकर फाइटर जेट पर तैनात किया जा सकता है.
भारतीय Rafale Fighter Jet: भारतीय वायुसेना में 36 राफेल फाइटर जेट्स हैं. इसे एक या दो पायलट उड़ाते हैं. इसकी अधिकतम गति 1912 KM/घंटा है. लेकिन कॉम्बैट रेंज 1850 किमी है. ऑपरेशनल रेंज 3700 KM है. यह अधिकतम 15,835 मीटर की ऊंचाई तक जा सकता है. यह एक सेकेंड में 305 मीटर की सीधी उड़ान भरने में सक्षम है. इसमें 30 मिमी की ऑटोकैनन लगी है, जो 125 राउंड प्रति मिनट दागती है. इसके अलावा इसमें 14 हार्डप्वाइंट्स हैं. इसमें एयर-टू-एयर, एयर-टू-ग्राउंड, एयर-टू-सरफेस, न्यूक्लियर डेटरेंस मिसाइलें लगा सकते हैं. इसके अलावा कई अन्य तरह के बमों को भी तैनात किया जा सकता है.
भारतीय Tejas Fighter Jet: भारतीय वायुसेना के पास 40 तेजस मार्क 1 फाइटर जेट्स हैं. स्वदेश में निर्मित इस फाइटर जेट की गति 1980 किमी प्रतिघंटा है. रेंज 1850 किमी है. हालांकि इसकी फेरी रेंज 3200 किलोमीटर है. यह अधिकतम 16 हजार मीटर की ऊंचाई तक जा सकता है. इसमें एक 23 मिलिमीटर की ट्विन बैरल जीएसएच-23 कैनन लगी है. इसमें 8 हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी 8 रॉकेट, 8 मिसाइल, 8 बम या फिर इन तीनों का मिश्रण लगा सकते हैं.
भारतीय Su-30 MKI: भारत के पास 272 सुखोई सू-30 एमकेआई फाइटर जेट्स हैं. इसकी अधिकतम गति 2120 किलोमीटर प्रतिघंटा है. कॉम्बैट रेंज 3000 किमी और फेरी रेंज 8000 किमी है. अधिकतम 17,300 मीटर की ऊंचाई तक जा सकता है. इसमें 30 मिमी की एक ऑटोकैनन लगी है. इसके अलावा इसमें 12 हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी 12 रॉकेट, 12 मिसाइल, 12 बम या फिर इनका मिश्रण लगाया जा सकता है.
तो क्या भारत को पाकिस्तान के F-16 से डरने की जरूरत है
नहीं... एकदम नहीं. वजह ये है कि राफेल, तेजस और सुखोई-30 एमकेआई जैसे फाइटर जेट्स ज्यादा आधुनिक हैं. नई तकनीकों से बने हैं. स्पीड, रेंज, हथियारों की संख्या आदि को देखें तो कई मामलों में अपने फाइटर जेट ज्यादा बेहतर हैं. तीन साल बाद तेजस-मार्क 2 (Tejas Mark-2) फाइटर जेट बन जाएगा. जिसकी ताकत के आगे F-16 फाइटर जेट कुछ भी नहीं रहेगा. युद्ध कि स्थिति में रणनीति, जेट्स का मिश्रण और हथियारों का सही-सटीक उपयोग जरूरी होता है.