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भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. इस बीच चीन की ओर से दावा किया गया है कि भारतीय सेना ने तीन हिलटॉप पर कब्जा कर लिया है, जिसके कारण चीनी सेना PLA ने भारत के ठाकुंग इलाके के पास सैनिकों की संख्या को बढ़ाया है. यही कारण है कि बीते शनिवार को बॉर्डर पर स्थिति काफी तनाव वाली हो गई थी.
हालांकि, चीन के द्वारा लगाए गए किसी तरह के आरोप को भारत ने नकार दिया है. चीन की ओर से बॉर्डर पर सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई, लेकिन भारत ने अपनी मौजूदगी को सख्त किया. साथ ही ब्लैक टॉप और हेलमेट टॉप के पास चीनी सेना ने मौजूदा स्थिति को बदलने की कोशिश की.
दोनों देशों के बीच हुई ब्रिगेड कमांडर लेवल की बातचीत में चीन ने लगातार ये मसला उठाया है कि भारत ने हिलटॉप पर कब्जा किया है. लेकिन इसी बैठक में भारत ने भी चीन की घुसपैठ का विरोध किया.
इतना ही नहीं चीनी दूतावास ने दावा किया है कि भारत के सैनिकों ने LAC को पार किया है. अगर चीन के दावे को सही मानें तो भारत ने जिस रेकिन ला पर कब्जा किया है वो चीनी क्षेत्र के तीन किलोमीटर अंदर तक है.
चीनी दूतावास की ओर से बयान में कहा गया कि 31 अगस्त को भारतीय सेना के जवानों ने पिछले समझौतों को तोड़ा और घुसपैठ की कोशिश की. हालांकि, भारतीय सेना की ओर से 31 अगस्त के ऑपरेशन को लेकर किसी तरह का खुलकर जवाब नहीं दिया गया.
आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच मई के बाद से ही तनाव की स्थिति है. हालांकि, दोनों ओर से गोली नहीं चली है. लेकिन 15 जून को हुए संघर्ष में भारत के 20 जवानों की जान चली गई थी.
लेकिन अब अगस्त में एक बार फिर नई जगह पर विवाद शुरू हुआ है. पहले जहां पर विवाद था, अब उससे अलग हटकर पैंगोंग झील की दक्षिणी तरफ आ गया है. भारतीय सेना की ओर से यहां पर लगातार नजर रखी जा रही थी, यही कारण रहा कि चीन की सेना घुसपैठ नहीं कर पाई.
सूत्रों की मानें तो भारत की इसी तैयारी के कारण चीन अपने काम में सफल ना हो सका. हालांकि, गलवान की तरह इस बार किसी तरह की हाथापाई की नौबत नहीं आई. इसी के बाद ही भारतीय सेना ने एक बयान जारी कर 29-30 अगस्त की रात को हुई घुसपैठ की कोशिश के बारे में जानकारी दी.