कोरोना संकट से निपटने के लिए भारतीय सेना भी युद्ध स्तर पर काम कर रही है. इस कड़ी में सेना ने देश के कई हिस्सों में कोविड मैनेजमेंट सेल का गठन किया है. इसके जरिए आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य है. इस सेल का प्रमुख डायरेक्टर जनरल स्तर के एक अधिकारी को बनाया गया है, जो सीधे उप सेना प्रमुख को रिपोर्ट करेगा.
आपको बता दें कि कोरोना महामारी के इस दौर में नागरिकों की मदद के लिए सेना पूरी जी जान से लगी हुई है. सेना के तीनों अंग कोरोना संकट से निपटने के लिए अपने-अपने स्तर पर जुटे हैं. इस क्रम में सेना ने कोविड मैनेजमेंट सेल का गठन किया है, जो नागरिक प्रशासन को सेना के स्टाफ व लॉजिस्टिक्स की मदद सुनिश्चित करेगी.
गौरतलब है कि बीतों दिनों ही इसे लेकर पीएम मोदी की सीडीएस जनरल बिपिन रावत समेत कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों संग चर्चा हुई थी. इसके बाद सेना की ओर से कोविड मैनेजमेंट सेल के गठन का फैसला किया गया.
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गुरुवार को सेना ने बताया कि कोविड मैनेजमेंट सेल कोरोना संकट में और बेहतर ढंग से रियल टाइम मदद सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी. सेना कोविड मरीजों की टेस्टिंग, उन्हें आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराने, मेडिकल उपकरणों के ट्रांसपोर्टेशन आदि में मदद करेगी.
गौरतलब वायुसेना के साथ-साथ नौसेना भी देश में ऑक्सीजन आपूर्ति, चिकित्सा उपकरणों आदि के ट्रांसपोर्टेशन में जुटी हुई है. विदेशों से भी मेडिकल उपकरण का ट्रांसपोर्टेशन किया जा रहा है. वहीं अब सेना के अस्पतालों के दरवाजे भी आम लागों के लिए खोले जा रहे हैं.
सेना ने इन सुविधाओं के प्रभारी के रूप में अपने सीनियर चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्त किया है, जो राज्य सरकारों में अपने समकक्षों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं. सेना ने विशेष रूप से पहले से ही कार्यरत पांच कोविड अस्पतालों में दिल्ली, अहमदाबाद, लखनऊ, वाराणसी और पटना में चिकित्सा संसाधन तैनात किए हैं.
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देश भर में रक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न अस्पतालों में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिक्स सहित सशस्त्र बलों के 500 से अधिक चिकित्साकर्मी पहले से ही तैनात हैं.