भारतीय नौसेना (Indian Navy) को स्कॉरपीन क्लास अटैक सबमरीन आईएनएस वागीर (INS Vagir) अपने समय से एक महीने पहले ही मिल गई है. इसके समुद्री ट्रायल्स 12 नवंबर 2020 से चल रहे थे. इसमें हथियार लगाने से लेकर सभी काम को पूरा करने में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने बाकी पनडुब्बियों से कम समय लिया है. इसे प्रोजेक्ट-75 के तहत बनाया गया है.
आईएनएस वागीर स्कॉरपीन यान कलवारी क्लास डीजल-इलेक्ट्रिक सबमरीन है. यह बेहद आधुनिक नेविगेशन, ट्रैकिंग प्रणालियों से लैस है. इसके साथ ही इसमें कई तरह के हथियारों को भी शामिल किया गया है. आईएनएस वागीर कई प्रकार के मिशनों को अंजाम दे सकती हैं. जैसे कि सतह-विरोधी युद्ध, पनडुब्बी रोधी युद्ध, खुफिया जानकारी एकत्र करना, समुद्री बारूदी सुरंग बिछाना, क्षेत्र की निगरानी आदि. पनडुब्बी को ऑपरेशन के समय हर परिस्थिति में संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है.
आइए अब जानते हैं इस सबमरीन की खासियतें...यह कलवारी क्लास पनडुब्बी है. इस क्लास की पनडुब्बियों की लंबाई लगभग 221 फीट, बीम 20 फीट और ऊंचाई 40 फीट होती है. इनमें 4 एमटीयू 12V 396 SE84 डीजल इंजन लगे होते हैं. इसके अलावा 360 बैटरी सेल्स होती हैं. पानी की सतह पर इनकी गति 20 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है, जबकि पानी के अंदर ये 37 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलती हैं.
इनकी रेंज इनकी गति के मुताबिक तय होती है. अगर यह सतह पर 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही है, तो यह 12 हजार किलोमीटर तक चल सकती है. पानी के अंदर यह 1020 किलोमीटर की रेंज तक जा सकती है लेकिन गति 7.4 किलोमीटर प्रतिघंटा होनी चाहिए. यह 50 दिनों तक पानी के अंदर बिता सकती है. अधिकतम 350 फीट की गहराई जा सकती है. इसमें 8 सैन्य अधिकारी और 35 सेलर तैनात किए जा सकते हैं.
इनके अंदर एंटी-टॉरपीड काउंटरमेजर सिस्टम लगा है. इसके अलावा 533 मिमी के 6 टॉरपीडो ट्यूब्स होते हैं, जिनसे 18 एसयूटी टॉरपीडोस या एसएम.39 एक्सोसेट एंटी-शिप मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं. इसके अलावा यह पानी के अंदर 30 समुद्री बारूदी सुरंग बिछा सकती है.