भारतीय नौसेना ने 23 पाकिस्तानी नागरिकों को रेस्क्यू किया है. अरब सागर में समुद्री लुटेरों ने उनका अपहरण कर लिया था. वे ईरान से आ रहे थे. भारतीय नौसेना द्वारा रेस्क्यू किए जाने के बाद पाकिस्तानी नागरिकों ने कहा कि 'अब हम आजाद हैं.' उन्होंने नौसेना का धन्यवाद दिया और 'इंडिया जिंदाबाद' के नारे भी लगाए.
नौसेना ने पाकिस्तानी नागरिकों का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे अपनी नाव पर सुरक्षित नजर आ रहे हैं. वे FV AI Kambar 786 नाम का नाव लेकर ईरान से निकले थे लेकिन अरब सागर में उन्हें समुद्री डाकुओं ने घेर लिया था. नौसेना ने 9 हथियारबंद लुटेरों को गिरफ्तार भी किया है, जिन्होंने जहाज को हाईजैक कर लिया था.
यह भी पढ़ें: बीच समंदर 35 सोमाली डकैतों का सरेंडर! इंडियन नेवी के मार्कोस कमांडोज का ऑपरेशन, माालवाहक जहाज और चालक दल को बचाया
नौसेना ने लॉन्च किया था ऑपरेशन
नौसेना ने बताया कि ईरानी फिशिंग शिप AI Kambar 786 की हाईजैकिंग को लेकर 28 मार्च को जानकारी मिली थी. पता चला था कि समुद्री डाकुओं ने यमन के दक्षिण पश्चिम सोकोत्रा से 90 समुद्री मील पर हाईजैकिंग को अंजाम दिया था. इसके बाद नौसेना ने दो नौसैन्य जहाजों के साथ #maritimesecurityoperations के रूप में एक ऑपरेशन लॉन्च की.
12 घंटे बाद लुटेरों ने किया सरेंडर
एक सफलतापूर्वक ऑपरेशन में नौ समुद्री डाकुओं को गिरफ्तार करने सहित 23 पाकिस्तानी नागरिकों को रेस्क्यू कर लिया गया. हाईजैक किए गए जहाज को आईएनएस त्रिशुल के साथ मिलकर आईएनएस सुमेधा ने इंटरसेप्ट किया. 12 घंटे की जद्दोजहद के बाद आखिरकार लुटेरों ने सरेंडर कर दिया, जिससे पाकिस्तानी नागरिकों की जान बच सकी. नौसेना ने एक बयान में कहा कि उन्हें सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया.
यह भी पढ़ें: समुद्री डाकुओं के चंगुल से बचाए गए श्रीलंका के छह मछुआरे, सोमाली लुटेरों ने किया था अपहरण
नौसेना ने एक बयान में कहा, "एफवी (नाव) पर सवार समुद्री लुटेरों को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर होना पड़ा. 23 पाकिस्तानी नागरिकों वाले चालक दल को सुरक्षित बचा लिया गया." नौसेना ने कहा, "मछली पकड़ने की गतिविधियों को जारी रखने के लिए नाव को खाली करने से पहले 23 पाकिस्तानी नागरिकों वाले क्रू टीम को पूरी तरह से मेडिकल जांच दी गई थी."