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भारतीय नौसेना ने अरब सागर में बढ़ाई निगरानी, समुद्री हमलों में आई तेजी के बाद उठाया कदम

हाल के दिनों में लाल सागर, अरब सागर में समुद्री अपराध की घटनाओं के देखते हुए भारतीय नौसेना के इस समुद्री इलाके में अपनी निगरानी को बढ़ा दिया है. दरअसल बीते कुछ समय से यहां हूती विद्रोहियों ने कई जहाजों को निशाना बनाया है.

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हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों लाल सागर और अरब सागर में कई जहाजों को बनाया है निशाना
हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों लाल सागर और अरब सागर में कई जहाजों को बनाया है निशाना

बीते कुछ हफ्तों के दौरान लाल सागर, अदन की खाड़ी और मध्य/उत्तरी अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमलों के कई मामले सामने आए हैं. समुद्री सुरक्षा की घटनाओं में आई तेजी के बाद भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल सतर्क हैं. इन घटनाओं को देखते हुए अब भारतीय नौसेना ने  मध्य/उत्तरी अरब सागर में समुद्री निगरानी को बढ़ा दिया है और बड़े स्तर पर बलों की तैनाती की गई है. 

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डकैती की घटनाएं आई थी सामने

दरअसल कुछ समय पहले भारतीय तट से लगभग 700 समुद्री मील दूर एमवी रुएन पर समुद्री डकैती की घटना सामने आई है और इसके बाद पोरबंदर से लगभग 220 समुद्री मील अरब सागर में 'एमवी केम प्लूटो' पर ड्रोन से हमला हुआ था. जिस समय यह हमला हुआ उस समय इस जहाज में 21 भारतीय और वियतनाम का एक नागरिक सवार था. इन घटनाओं के बाद भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी क्षेत्र में समुद्री डकैती को रोकने के प्रयासों को बढ़ाने की दिशा में इस इलाके में एक और स्वदेशी निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत तैनात कर दिया था.

कोस्ट गार्ड और नौसेना मिलकर उठा रहे हैं कदम

इन घटनाओं के जवाब में, भारतीय नौसेना ने मध्य/उत्तरी अरब सागर में समुद्री सुरक्षा अभियान चलाने और किसी भी घटना की स्थिति में व्यापारिक जहाजों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विध्वंसक तैनात किए हैं. इसके साथ ही समुद्री निगरानी के लिए लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमानों और आरपीए द्वारा हवाई निगरानी को बढ़ाया गया है. विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की प्रभावी निगरानी के लिए, भारतीय नौसेना तटरक्षक बल के साथ मिलकर काम कर रही है.

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राष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के समन्वय से भारतीय नौसेना द्वारा हर स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है. नौसेना ने कहा कि वह इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

हूती विद्रोही बना रहे हैं जहाजों को निशाना

इजरायल द्वारा हमास के खिलाफ छेड़े गए युद्ध के विरोध में, ईरान समर्थित हूती विद्रोही पहले लाल सागर से होकर जाने वाले इजरायली जहाजों को निशाना बना रहे थे. लेकिन बाद इन हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में कई व्यापारिक जहाजों को भी अपना निशाना बनाया था. जिस वजह से व्यापारिक जहाजों को रूट बदलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. नवंबर महीने में हूती विद्रोहियो ने लाल सागर में एक मालवाहक जहाज को हाइजैक भी कर लिया था.

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