Indian Railways: देश की पहली रैपिड रेल का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है. दिल्ली से मेरठ तक 82.5 किमी लंबे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के पहले चरण का काम अंतिम दौर में है. आरआरटीएस में ऐसी कई खूबियां हैं, जिसकी वजह से इसे दुनिया का सबसे हाइटेक रैपिड रेल प्रोजेक्ट माना जा रहा है. पहले फेज को लेकर इसका ट्रायल शुरू हो चुका है. हालांकि यह एक तरह से शॉर्ट ट्रायल है. मुख्य ट्रायल नवंबर के आखिर में शुरू होगा.
कब से चलेगी ट्रेन
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर रैपिड रेल को 2025 तक पूरी तरह ऑपरेशनल कर दिया जाएगा. हालांकि, इससे पहले कम दूरी के बीच ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा. बताया जा रहा कि पहले फेज का सफर मार्च 2023 से शुरू हो जाएगा. शुरुआत में ट्रेन का सफर साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किमी का होगा. हालांकि, प्रोजेक्ट जैसे-जैसे पूरा होगा, ये दूरी बढ़ती चली जाएगी.
कॉरिडोर की खूबियां
इस कॉरिडोर पर ट्रेनें अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी. हालांकि, इनकी औसत रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे की होगी. 6 कोच वाली इस ट्रेन का लुक बिलकुल बुलेट ट्रेन की तरह है. हालांकि, साइड से यह मेट्रो की तरह नजर आती है. इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 82 किमी है, जिसमें से 14 किमी का हिस्सा दिल्ली में है जबकि 68 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में. पूरी तरह बनने के बाद दिल्ली से मेरठ की यात्रा करने में महज 50 मिनट का समय लगेगा.
#NCRTC achieved an important milestone towards bringing in India’s 1st Regional Rail on time, yesterday, #RRTS trainset did a maiden test run on its depot tracks. The trainset was fed by recently charged NCRTC's 25 kV Traction system. @ADB_HQ @NDB_int @AIIB_Official @ut_MoHUA pic.twitter.com/wyxddhzPnl
— National Capital Region Transport Corporation Ltd. (@officialncrtc) August 7, 2022
कौन-कौन से स्टेशन होंगे
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर स्टेशन होंगे-जंगपुरा, सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ, मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम. दिल्ली में इस कॉरिडोर में जंगपुरा, सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार चार स्टेशन हैं. इनमें से सिर्फ आनंद विहार स्टेशन अंडरग्राउंड है. यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रैपिड रेल नेटवर्क के भूमिगत हिस्सों में ट्रेनों के आने-जाने के लिए समानान्तर दो टनल का बनाए जा रहे हैं. मेरठ और दुहाई में ट्रेनों के रखरखाव के लिए डिपो बनाए जा रहे हैं.
क्या है प्रोजेक्ट का मकसद
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर परियोजना का मकसद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की भीड़भाड़ को कम करना है. इसके अलावा, वाहनों के यातायात और वायु प्रदूषण को पर लगाम कसना और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना है.