भारतीय रेलवे से हर रोज बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं. ऐसे में भारतीय रेलवे ट्रेनों में सुविधा प्रदान करने से लेकर स्टेशनों के कायाकल्प का भी काम कर रहा है. इसी कड़ी में भारतीय रेलवे ने देशभर के कुल 1275 स्टेशनों के कायाकल्प की तैयारी की है. भारतीय रेल में रेलवे स्टेशनों के विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना हाल ही में शुरू की गई है. इस योजना के तहत दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ निरंतर आधार पर स्टेशनों के विकास की परिकल्पना की गई है.
अलग-अलग राज्यों के स्टेशनों के कायाकल्प की तैयारी
इस योजना के तहत आंध्र प्रदेश के 72 स्टेशन, अरुणाचल प्रदेश का 1, असम के 49, बिहार के 86, छत्तीसगढ़ के 32, दिल्ली के 13, गोवा के 2, गुजरात के 87, हरियाणा के 29, हिमाचल प्रदेश के 3, झारखंड के 57, कर्नाटक के 55, केरल के 34, मध्य प्रदेश के 80, महाराष्ट्र के 123, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड के 1-1 स्टेशन, ओडिशा के 57, पुडुचेरी के 3, पंजाब के 30, राजस्थान के 82, सिक्किम के 1, तमिलानडु के 73, तेलंगाना के 39, त्रिपुरा के 4, उत्तर प्रदेश के 149, उत्तराखंड के 11, चंडीगढ़ के 1, जम्मू-कश्मीर के 4 और पश्चिम बंगाल के 94 स्टेशन शामिल हैं.
स्टेशनों पर क्या-क्या होंगे बदलाव?
इस योजना के तहत कई सुविधाओं को बेहतर करने के लिए काम किया जाएगा. स्टेशनों तक पहुंचने में सुधार लाना, प्रतिक्षालयों, शौचालयों जैसे जगहों को बेहतर बनाने का काम इस योजना के तहत किया जाएगा. इसी के साथ स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बेहतर सूचना प्रणाली, एक्जीक्यूटिव लाउंज जैसी व्यवस्था भी रेलवे के इस प्लान में शामिल है. इस योजना के तहत स्टेशनों की इमारत में भी सुधार लाया जाएगा. शहर के दोनों छोर के साथ स्टेशनों को जोड़ने का काम किया जाएगा. दिव्यांगजनों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदानी की जाएंगी.
बता दें, देश के कई स्टेशनों पर कायाकल्प का काम शुरू भी हो चुका है. दिल्ली-एनसीआर के रेलवे स्टेशनों के विकास के लिए पहले ही रेलवे ने हरी झंडी दे दी है. इसमें गाजियाबाद स्टेशन पर विकास कार्य के लिए 336 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. रेलवे की मानें तो अगले कुछ सालों में दिल्ली और एनसीआर के रेलवे स्टेशन की तस्वीर बिल्कुल बदल जाएगी और यात्रियों को कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.
इन 1275 स्टेशनों का होगा कायाकल्प