प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में वंदे भारत भी शामिल है. सरकार की तरफ से अब तकरीबन हर राज्य में वंदे भारत ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है. साल 2024 तक केंद्र सरकार ने 75 या उससे अधिक वंदे भारत ट्रेनों के चलाने का लक्ष्य रखा है. फिलहाल, सोशल मीडिया पर दरभंगा-समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर होते हुए नई दिल्ली के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की जल्द शुरुआत होने की एक खबर वायरल हो रही है. हर कोई इस वायरल खबर की सच्चाई जानना चाह रहा है.
महज 6 घंटे में सीतामढ़ी से नई दिल्ली तक के सफर का दावा
इस खबर के मुताबिक सीतामढ़ी से दरभंगा-समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर होते हुए नई दिल्ली के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की जल्द शुरुआत होगी. दावा ये भी किया जा रहा है कि ये ट्रेन महज 6 घंटे के अंदर दरभंगा-समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर होते हुए नई दिल्ली पहुंच जाएगी.
इस वायरल खबर में कहा गया है कि उत्तर बिहार के लोगों का वंदे भारत से सफर करने का सपना जल्द पूरा होने वाला है. वंदे भारत ट्रेन सीतामढ़ी से दरभंगा-मुजफ्फरपुर-पाटलिपुत्र होते हुए नई दिल्ली के लिए चलाई जाएगी. इसको लेकर समस्तीपुर रेलमंडल के डीआरएम विनय श्रीवास्तव ने एक प्रस्ताव रेलवे को भेजा है. दावा यह भी किया जा रहा है कि इस ट्रेन से महज 6 घंटे में सीतामढ़ी से नई दिल्ली का सफर तय हो जाएगा. इस ट्रेन के परिचालन की टाइमिंग भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. कहा जा रहा है कि सीतामढ़ी से इस ट्रेन का परिचालन सुबह 8 बजे किया जाएगा.
पड़ताल में ये बात आई सामने
Aajtak की टीम ने इस खबर की जब पड़ताल शुरू की तो उसे आश्चर्य हुआ कि महज 6 घंटे में वंदे भारत ट्रेन सीतामढ़ी से नई दिल्ली कैसे पहुंच जाएगी. इसको लेकर आजतक समस्तीपुर रेलमंडल के डीआरएम विनय श्रीवास्तव के पास पहुंचा. डीआरएम विनय श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसी कोई सूचना हमारे पास नहीं है कि समस्तीपुर रेलमंडल से वंदे भारत का परिचालन होगा. सीतामढ़ी से दिल्ली हम 6 घंटे में पहुंच जाएंगे ऐसा मुझे नहीं लगता. हमारी ट्रेनों की जो स्पीड है उसमें ये संभव नही है.अगर बुलेट ट्रेन भी चलती है तो सीतामढ़ी से नई दिल्ली की दूरी 6 घंटे में नहीं पूरी हो पाएगी. आजतक की पड़ताल में वायरल खबर का दावा बिल्कुल गलत साबित हुआ है.
वंदे भारत को लेकर भेजा गया है एक प्रस्ताव
डीआरएम विनय श्रीवास्तव ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन चलाने को लेकर मंत्रालय के पास एक प्रस्ताव भेजा गया है. इसके लिए तीन रूट चुने गए है. समस्तीपुर से गोरखपुर या दरभंगा से गोरखपुर, दरभंगा से पटना इसी तरह जयनगर से वाराणसी रक्सौल होते हुए वंदे भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भेजा गया है. डीआरएम ने कहा कि इसके लिए पहले फिजिबिलिटी चेक होगी. उसके बाद वंदे भारत ट्रेन का क्या प्रोडक्शन है उस हिसाब से आवंटन होगा.
ट्रायल की खबर को लेकर क्या बोले DRM
आजतक की टीम ने जब डीआरएम विनय श्रीवास्तव से सोशल मीडिया पर चल रहे वंदे भारत के ट्रायल की खबर के बारे में सवाल किया तो उन्होंने इसे निराधार बताया. उन्होंने कहा एक पुश पुल रैक हमारे पास आया है. वो कब चलेगा किस मार्ग पर चलेगा इसकी सूचना हमे नहीं है. ऐसे में आजतक की टीम ने पड़ताल में ये पाया कि सीतामढ़ी से नई दिल्ली के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने का कोई प्रस्ताव नही भेजा गया है. न ही वंदे भारत का कोई ट्रायल हुआ है न अगले कुछ समय में होने वाला है है. सोशल मीडिया पर चल रहे खबर में किया गया दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ.