
देशभर में वंदे भारत ट्रेनों की तादाद बढ़ती जा रही है, लगभग हर राज्य से इन ट्रेनों को जोड़ दिया गया है. लग्जरी सुविधाओं से भरपूर ये ट्रेनें यात्रियों को आरामदायक सफर तो करवा रही हैं लेकिन इनका किराया काफी ज्यादा है. शायद यही वजह है कि कई रूट्स पर वंदे भारत ट्रेनें घाटे का सौदा बनी हुई हैं. हालांकि, अब रेलवे कुछ वंदे भारत ट्रेनों के किराए में कमी की तैयारी कर रहा है.
इन रूट्स पर चल रही वंदे भारत ट्रेनों का किराया होगा कम!
सूत्रों के हवाले से बुधवार को कहा गया कि रेलवे कम यात्रियों वाली कुछ कम दूरी की वंदे भारत ट्रेनों के किराए की समीक्षा कर रहा है, ताकि कीमतों को कम किया जा सके और उन्हें लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुछ कम व्यस्तता वाली ट्रेनों को छोड़कर, इस सेमी-हाई स्पीड ट्रेन की अधिकांश सेवाएं पूरी व्यस्तता के साथ चल रही हैं. खबर है कि इंदौर-भोपाल, भोपाल-जबलपुर और नागपुर-बिलासपुर एक्सप्रेस जैसी वंदे भारत ट्रेनों के साथ-साथ कुछ अन्य ट्रेनों का किराया कम किया जा सकता है.
भोपाल-इंदौर वंदे भारत
जून के अंत के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल-इंदौर वंदे भारत सेवा में केवल 29 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, जबकि इंदौर-भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस की वापसी यात्रा में केवल 21 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी थी. दोनों शहरों के बीच यात्रा में लगभग तीन घंटे लगते हैं और प्रति यात्री एसी चेयर कार टिकट के लिए 950 रुपये और एक्जीक्यूटिव चेयर कार के लिए 1525 रुपये का खर्च आता है. खबर है कि इस ट्रेन का किराया काफी कम किया जा सकता है.
इंदौर से भोपाल रूट पर चली वंदे भारत ट्रेन में पहले दिन यानी 27 जून को कुल 47 यात्रियों ने यात्रा की थी, जबकि ट्रेन में 530 यात्रियों के बैठने की क्षमता है. एक्जीक्यूटिव श्रेणी में सिर्फ छह यात्रियों ने सफर किया. वहीं, 28 जून को ट्रेन में कुल 109 लोगों ने सफर किया था इनमें 103 इकोनॉमी क्लास में और 06 यात्री एक्जीक्यूटिव क्लास के थे. 29 जून को भी ट्रेन में 107 यात्रियों ने ही सफर किया.
नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत
इसके अलावा एक अन्य ट्रेन जिसके किराए की समीक्षा की जा रही है वह है नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, जिसकी औसत ऑक्यूपेंसी लगभग 55 प्रतिशत है. लगभग 5 घंटे 30 मिनट की यात्रा वाली इस ट्रेन के लिए माना जा रहा है कि अगर कीमतें कम कर दी गईं तो स्थिति बहुत बेहतर हो सकती है. नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस से एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 2,045 रुपये है जबकि चेयर कार का किराया 1,075 रुपये है. कम व्यस्तता के कारण मई में इस ट्रेन को तेजस एक्सप्रेस से बदल दिया गया था.
भोपाल-जबलपुर वंदे भारत
वहीं, भोपाल-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में 32 प्रतिशत सीटें भरी जा रही हैं, जबकि वापसी यात्रा में जबलपुर-भोपाल वंदे भारत सेवा में 36 प्रतिशत सीटें ही भरीं, इसलिए किराए में कटौती की संभावना है. दोनों शहरों के बीच 4.5 घंटे की यात्रा में भोपाल से जबलपुर तक एसी चेयर का किराया 1055 रुपये है, जबकि एक्जीक्यूटिव चेयर कार टिकट की कीमत 1880 रुपये होगी. इसकी वापसी यात्रा पर एसी चेयर का किराया 955 रुपये है, जबकि एक्जीक्यूटिव चेयर कार टिकट की कीमत 1790 रुपये है. वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सबसे लंबी यात्रा लगभग 10 घंटे की है और सबसे छोटी यात्रा लगभग तीन घंटे की है.
अब तक 24 राज्यों में पहुंची वंदे भारत
बता दें कि 46 वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं देश के सभी रेल-विद्युतीकृत राज्यों तक पहुंच चुकी हैं. कुल 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस का बेड़ा अपनी समय बचाने वाली सुविधा के कारण लगातार बढ़ रहा है, जो अन्य ट्रेनों की तुलना में औसतन एक घंटे की बचत करता है.
इन वंदे भारत ट्रेनों पर अच्छा रिस्पॉन्स
देश में चल रही सभी वंदे भारत ट्रेनों में से सबसे व्यस्तता वाली वंदे भारत ट्रेन कासरगोड से तिरुवनंतपुरम जाने वाली ट्रेन है, जिसकी 183 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई. वहीं, दूसरे नंबर पर त्रिवेन्द्रम से कासरगोड वंदे भारत ट्रेन है, इसकी ऑक्यूपेंसी 176 प्रतिशत रही और फिर गांधीनगर-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस (134 प्रतिशत), मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस (129 प्रतिशत), वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस (128 प्रतिशत), नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस (124 प्रतिशत), देहरादून-अमृतसर वंदे भारत एक्सप्रेस (105 प्रतिशत), मुंबई-शोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस (111 प्रतिशत), शोलापुर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस (104 प्रतिशत) ऑक्यूपेंसी के साथ चल रही हैं.
इन सुविधाओं से लैस हैं वंदे भारत ट्रेनें
वंदे भारत ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. इनमें जीपीएस आधारित सूचना सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, वैक्यूम आधारित बायो टॉयलेट, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर समेत तमाम सुविधाएं हैं. नई खूबियों से लैस नेक्स्ट जनरेशन वाली वंदे भारत 2.0 ट्रेन में कवच (ट्रेन कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम) की सुविधा है. इसके तहत हर कोच में चार इमरजेंसी विंडो जोड़े जाने से अधिक सुरक्षा मिलेगी.