Indian Railways: भारतीय रेल को देश की लाइफलाइन कहा जाता है. देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा रोजाना ट्रेनों में सफर करता है. ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए रेलवे तमाम आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करता है. लेकिन ट्रेनों के परिचालन में सबसे ज्यादा दिक्कत उस वक्त आती है जब सर्दी के दिनों में घना कोहरा छा जाता है. घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है और ऐसे में ट्रेनों को चलाना बड़ा ही मुश्किल काम साबित होता है. कोहरे के कहर से एक तरफ जहां ट्रेनों की रफ्तार थम जाती है, वहीं दूसरी तरफ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है. ऐसे में कोहरे के दौरान ट्रेनों को सुचारू और सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए रेलवे फॉग सेफ डिवाइस का इस्तेमाल कर रहा है.
हालांकि अभी कोहरा पड़ना शुरू नहीं हुआ है. लेकिन एहतियात के तौर पर ट्रेनों में इस डिवाइस के इंस्टॉलेशन का काम शुरू हो गया है. पूर्व मध्य रेल और पूर्वोत्तर रेलवे के सभी रेल मंडलों में ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस के इंस्टॉलेशन का काम शुरू हो गया है. पूर्वोत्तर रेलवे ने तो इसकी आखिरी डेड लाइन भी जारी कर दी है. पूर्वोत्तर रेलवे के सभी मंडलों से गुजरने वाली ट्रेनों में 30 नवंबर तक फॉग सेफ डिवाइस के इंस्टॉलेशन के काम को पूरा कर लेने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं.
पूर्व मध्य रेलवे के दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में तकरीबन 500 से ज्यादा फॉग सेफ डिवाइस की पहली खेप रिलीज कर दी गई है जिसे विभिन्न ट्रेनों में इंस्टॉल किया जा रहा है. जो विभिन्न यात्री ट्रेनों के साथ-साथ गुड्स ट्रेन में भी इंस्टॉल किया जाएगा. इसी तरह पूर्वोत्तर रेलवे ने अपने तीन रेल मंडलों के अंतर्गत चलने वाली 915 ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस इंस्टॉल करने की मंजूरी दे दी है. जिसमें लखनऊ मंडल के 315, इज्जत नगर मंडल की 185 और वाराणसी मंडल की 415 ट्रेनें शामिल हैं.
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह के अनुसार हर एक ट्रेन में फॉग सेफ डिवाइस लगाया जाएगा ताकि कोहरे के दौरान ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से चलाया जा सके. इसके लिए वाराणसी, इज्जत नगर और लखनऊ मंडल को फॉग सेफ डिवाइस की आपूर्ति कर दी गई है और 30 नवंबर तक इंस्टॉल करने के निर्देश भी दिए गए हैं.