त्यौहारी मौसम में सैकड़ों स्पेशल ट्रेनें चलाने के बावजूद यात्रियों को टिकट न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, 300 से ज्यादा ट्रेनों में लंबी-लंबी वेटिंग लिस्ट भी यात्रियों को हो रही परेशानी को दर्शाती है. इंडियन रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में चल रहीं 327 ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट दिख रही है. हालांकि, रेलवे जल्द ही इस समस्या का निदान करने जा रहा है.
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन का कहना है कि वेटिंग लिस्ट की समस्या को खत्म करने के लिए टिकटों की संख्या का विश्लेषण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सबसे व्यस्त रूट्स पर यानी वेटिंग लिस्ट वाले ट्रेनों के रूट पर और अधिक ट्रेनें भी चलाने की योजना पर विचार किया जा रहा है. डेटा के विश्लेषण के बाद इन मार्गों पर और ट्रेनें चलाई जा सकती हैं. यही नहीं, ट्रेनों में यात्रियों को कंफर्म सीट मिल सके इसके लिए क्लोन ट्रेन चलाने की भी संभावना है.
क्या है क्लोन ट्रेन का आइडिया?
क्लोन ट्रेन (Clone Train Scheme) को आसान शब्दों में समझें तो एक ही नंबर की दो ट्रेनें एक ही जगह से कुछ समय के अंतराल पर प्रस्थान करती हैं और एक ही रूट से गंतव्य स्थल तक पहुंचती हैं. ऐसे में ज्यादा वेटिंग लिस्ट वाली ट्रेनों के लिए क्लोन ट्रेन का इस्तेमाल किया जाता है जिससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को उसी नंबर की दूसरी ट्रेन यानी क्लोन ट्रेन में कंफर्म सीट मिल जाए और वो आसानी से अपने गंतव्य स्थल तक पहुंच जाएं.
जैसे, उदाहरण के तौर पर अगर दिल्ली से बिहार जाने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में ज्यादा वेटिंग लिस्ट होने पर रेलवे उसके प्रस्थान करने के एक घंटे या कुछ देर बाद उसी नंबर की एक और ट्रेन दिल्ली से बिहार के लिए चलाएगा, जिसमें बिहार संपर्क क्रांति के वेटिंग लिस्ट टिकट वाले यात्रियों को कंफर्म टिकट के साथ यात्रा का मौका मिलेगा.
बता दें कि रेलवे त्यौहारी मौसम को देखते हुए 20 अक्टूबर से 392 पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है. ये ट्रेनें 30 नवंबर तक चलेंगी. रेलवे ने बताया था कि दिवाली और छठ पूजा के दौरान छुट्टियों की वजह से मुसाफिरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोलकाता, पटना, वाराणसी, लखनऊ समेत अन्य स्थलों के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं.
अभी तक रेलवे ने 300 से अधिक मेल/एक्सप्रेस रेल गाड़ियों को सेवा में लगाया है जो समूचे देश में अब नियमित तौर पर चल रही हैं. रेलवे ने कोरोना वायरस महामारी के कारण अपनी नियमित सेवा को स्थगित कर दिया है और मांग तथा जरूरत के हिसाब से रेल गाड़ियों का संचालन कर रहा है.
कुछ ट्रेनों का रूट बदला
राजस्थान के बयाना में गुर्जर आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों का मार्ग बदला है. उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि गुर्जर आंदोलन के कारण हिंडौन सिटी-बयाना रेलखंड पर रेल यातायात अवरुद्ध होने के कारण सात गाड़ियों का मार्ग बदला गया है.
इन गाड़ियों में हजरत निज़ामुद्दीन-कोटा, बांद्रा टर्मिनस-मुजफ्फरपुर, कोटा-देहरादून, इंदौर-हजरत निजामुद्दीन, हजरत निजामुद्दीन-इंदौर, हजरत निजामुद्दीन-उदयपुर व उदयपुर-हजरत निजामुद्दीन ट्रेन शामिल हैं. उल्लेखनीय है कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर गुर्जर बयाना के आसपास दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर बैठ गए हैं.