Vande Bharat Express: इंदौर से भोपाल को चली वंदे भारत ट्रेन में पहले दिन यानी 27 जून को कुल 47 यात्रियों ने यात्रा की, जबकि ट्रेन में 530 यात्रियों के बैठने की क्षमता है. एक्जीक्यूटिव श्रेणी में सिर्फ छह यात्रियों ने सफर किया. वहीं, 28 जून को ट्रेन में कुल 109 लोगों ने सफर किया इनमें 103 इकोनॉमी क्लास में और 06 यात्री एक्जीक्यूटिव क्लास के थे. वहीं, आज यानी 29 जून को ट्रेन में 107 यात्रियों ने सफर किया.
दरअसल, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इंदौर से भोपाल के बीच तमाम एसी बसें चलती हैं जिनका किराया वंदे भारत से कम है. इसी के साथ, इंदौर से भोपाल के बीच चलने वाली इंटरसिटी ट्रेन की टाइमिंग भी वंदे भारत से मैच होती है. इस वजह से भी वंदे भारत को कम रिस्पॉन्स मिल रहा है. वंदे भारत ट्रेन हफ्ते में छह दिन इंदौर से भोपाल अप एंड डाउन करती है. ये ट्रेन रविवार को नहीं चलती.
'... इसलिए रिस्पॉन्स कम है'
पीआरओ खेमराज मीणा ने बताया कि अभी नई गाड़ी है इसलिए थोड़ा रिस्पॉन्स कम है. उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही वंदे भारत की सवारियां बढ़ेंगी. उन्होंने कहा कि इसमें सुविधा ज्यादा है. आने वाले समय मे अच्छी संख्या में यात्री आएंगे. मीणा ने कहा कि, दूसरी ट्रेनों में किराया कम है, लेकिन वंदे भारत ट्रेन सुविधाओं से लैस है.
इंदौर-भोपाल वंदे भारत में 8 कोच
बता दें, इंदौर भोपाल वंदे भारत ट्रेन में कुल आठ कोच हैं. इनमें एक एक्जीक्यूटिव और सात इकोनॉमी कोच हैं. एक्जीक्यूटिव कोच में कुल 52 सीटें हैं, जबकि इकोनॉमी श्रेणी के 07 कोच में कुल 478 सीटें हैं. दो कोच 44 -44 सीटों के हैं, जबकि पांच कोच में 78 -78 सीटें हैं.
वंदे भारत में इंदौर से भोपाल का किराया एसी चेयर कार में 810 रुपये है. वहीं, एग्जीक्यूटिव क्लास में 1510 रुपए है. इसी के साथ, भोपाल से इंदौर का किराया इकोनॉमी में 910 और एग्जीक्यूटिव श्रेणी में 1610 रुपए है, जबकि इंदौर-भोपाल के बीच चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में किराया 100 रुपये और एसी का 365 रुपए है.
वहीं, अगर बसों की बात करें तो इंदौर से भोपाल की दूरी सिर्फ 190 किलोमीटर है. अच्छी से अच्छी एसी बसों में भी 400 रुपये से ज्यादा का किराया नहीं है और समय भी 3 घंटे ही लगते हैं. यही वजह है कि वंदे भारत को इतना रिस्पॉन्स नहीं मिल पा रहा है. इंदौर से भोपाल के बीच 100 से ज्यादा बसें रोज चलती हैं. इनका किराया भी लगभग आधा है.