
भारतीय नौ सेना के लिए आज का दिन काफी अहम है. गुरुवार को भारतीय नेवी को INS कवरत्ती मिलने जा रहा है. ये एक एंटी सबमरीन वॉरफेयर जहाज है, जो अब भारतीय नेवी में अहम भूमिका निभाएगा. विशाखापट्टनम में नेवल डॉकयार्ड में एक कार्यक्रम के दौरान इसे शामिल किया जाना है.
इस युद्धपोत की खासियत ये भी है कि इसमें 90 फीसदी से अधिक देशी उपकरण हैं. भारतीय नौ सेना के मुताबिक, इसे भारतीय नेवी की नेवल डिजाइन टीम ने डिजाइन किया है, जो कि अब इस क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भर होने के सबूत देता है.
आपको बता दें कि यह प्रोजेक्ट-28 के तहत स्वदेश में निर्मित 4 पनडुब्बी रोधी जंगी स्टील्थ पोत में से आखिरी जहाज है. 3 युद्धपोत इससे पहले ही भारतीय नेवी को सौंपे जा चुके हैं.
प्रोजेक्ट 28 की शुरुआत 2003 में की गई थी, अबतक INS कमरोता, INS कदमत, INS किल्टन नौसेना को मिल चुके हैं. आईएनएस कवरत्ती में 90 फीसदी उपकरण स्वदेशी हैं. इसमें अत्याधुनिक हथियार प्रणाली है, साथ ही ऐसे सेंसर लगे हैं जो दुश्मन की पनडुब्बियों का आसानी से पता लगा सकते हैं.