
हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमला किया था. इस हमले में लगभग 1200 इजराइली नागरिकों की मौत हो गई थी. इस दौरान वह 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाकर अपने साथ गाजा ले गए थे. इस घटना को 11 महीने बीत गए हैं. इस दौरान कुछ बंधकों को रिहा कर दिया गया, कुछ को मौत के घाट उतार दिया गया जबकि कई बंधक अभी भी दयनीय हालत में बंदी बने हुए हैं. ऐसे में इन बंधकों के परिवार वालों की व्यथा जान लेना जरूरी हो जाता है, जो अभी भी अपनों के लौटने के इंतजार में हैं या उनकी मौत पर मातम मना रहे हैं.
इजरायली सेना ने बीते हफ्ते गाजा से छह इजरायली नागरिकों के शव बरामद किए थे. इन लोगों को पिछले साल सात अक्तूबर के हमले में हमास ने बंधक बना लिया था. हमास के आंतकियों ने जिन छह बंधको को हाल ही में बेरहमी से मार दिया. इनमें एलेक्स लोबानोव नाम का एक इजरायली भी है.
तुम्हें आजादी पसंद थी और उसे तुमसे छीन लिया गया...
लोबानोव को पिछले साल जब बंधक बनाया गया था. उस समय उनकी पत्नी मिशेल पांच महीने की गर्भवती थीं. मिशेल ने बाद में अपने पति की गैरमौजूदगी में ही अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया. जब लोबानोव को सुपुर्द-ए-खाक किया जा रहा था. उनकी पत्नी मिशेल का रो-रोकर बुरा हाल था. वह अपने पति को याद करते हुए कहती हैं कि अब इन दोनों बच्चों की परवरिश मैं अकेले करूंगी और अपने पति के मूल्यों के अनुसार इन्हें पाल-पोसकर बड़ा करूंगी.
मिशेल कहती हैं कि वह इस दुनिया के बेस्ट फादर और बेस्ट हसबैंड थे. वह मेरी जिंदगी का प्यार थे. यह सच है कि भगवान अच्छे लोगों को छीन लेता है. उन्हें जिंदगी और आजादी पसंद थी और उसे उनसे छीन लिया गया. मुझे माफ करना मैं तुम्हें वापस नहीं ला सकी. कृपया मेरे सपनों में आना, मुझे संकेत देना. हम दोबारा मिलेंगे.
मिशेल ने PM नेतन्याहू से मिलने से किया इनकार
लोबानोव की पत्नी ने पिछले हफ्ते उस समय इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलने से इनकार कर दिया था, जब नेतन्याहू उन्हें सांत्वना देने उनके घर पहुंचे थे.
नेतन्याहू पिछले हफ्ते अशकियोन में मृतक एलेक्स लोबानोव के घर पहुंचे थे. इस दौरान लोबानोव के माता-पिता ने नेतन्याहू से मुलाकात की थी लेकिन मिशेल ने कथित तौर पर उनसे मिलने से इनकार कर दिया था.
बता दें कि लोबानोव पिछले साल सात अक्टूबर को हुई सुपरनोवा डेजर्ट पार्टी के हेड बारमैन थे. इसी पार्टी पर हमास के आतंकियों ने धावा बोला था और 360 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी.
पापा शायद आप इस वीडियो को देख पाएं...
एरेज काल्डेरन 12 साल का इजरायली बच्चा है, जिसे हमास ने पिछले साल हमास ने बंधक बना लिया था. लेकिन बाद में हमास ने उसे रिहा कर दिया. एरेज ने सोमवार को एक बेहद भावुक वीडियो में अपने बंधक पिता को भी रिहा करने की अपील की.
एरेज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में कहा कि उसने इस उम्मीद में यह क्लिप बनाई है कि उसके पिता शायद इसे देख पाएं.
बता दें कि ओफर काल्डेरन को पिछले साल सात अक्तूबर को अपने बेटे एरेज के साथ हमास ने बंधक बना लिया था. हमास के हमले में एरेज की दादी और उसके कजिन की मौत हो गई थी. एरेज को 27 नवंबर को कतर और अमेरिका की मध्यस्थता से हमास और इजरायल के बीच कराई गई अस्थाई सीजफायर डील के तहत रिहा किया गया था.
27 साल के अल्मोग सारूसी को भी सुपरनोवा पार्टी से हमास ने बंधक बना लिया था. पिछले हफ्ते कत्ल किए गए बंधकों में अल्मोग भी है. अल्मोग की मां नीर अपने बेटे की कब्र पर रोते हुए कहती हैं कि मेरे प्यारे बच्चे, हमने तुम्हें गले लगाने के लिए बहुत मिन्नतें मांगी थी. तुम्हारी मुस्कान देखने के लिए हम प्रार्थनाएं की थी. मुझे उम्मीद थी कि हम तुम्हें एक बार फिर खुश देख सकेंगे लेकिन तुम्हें हमसे दूर कर दिया गया.