हमास ने बीते 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था, जिसकी जवाबी कार्रवाई में इजरायली सेना ने गाजा पट्टी पर धावा बोल दिया है. गाजा में 2200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इजरायल ने हमास को धमकी दी है कि जब तक वो बंधक बनाए हुए लोगों को नहीं छोड़ेगा तब तक गाजा पट्टी में बिजली पानी और खाद्य पदार्थों की आपूर्ति नहीं की जाएगी. इस बीच हैदराबाद से सांसद और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गाजा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने और उन्हें सहायता देने के लिए अपील की है.
हैदराबाद के अंबरपेट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि बेंजामिन नेतन्याहू एक शैतान और युद्ध अपराधी हैं. मैं प्रधानमंत्री मोदी से अपील करता हूं कि वो गाजा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाएं. ओवैसी ने कहा, गाजा के बहादुर लोग लंबे समय तक जीवित रहें. भारत को मदद करनी चाहिए.
वहीं यूपी के सीएम योगी पर हमला बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि हमारे देश में एक बाबा मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलिस्तीन का नाम लेने पर केस दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सुनो बाबा मुख्यमंत्री, मैं गर्व से तिरंगा झंडे के साथ फिलिस्तीन का झंडा पहनकर आया हूं. मैं फिलिस्तीन के साथ खड़ा हूं.
कैसी शुरू हुई जंग?
इजरायल और हमास के बीच युद्ध का आज 9वां दिन है. बीते 7 अक्टूबर को फिलिस्तीन आर्म्स ग्रुप हमास ने गाजा पट्टी से इजरायल पर रॉकेट हमलों की झड़ी लगा दी थी. हमास ने हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए इसे इसे इजरायल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बताया. हमास ने गाजा पट्टी से करीब 20 मिनट में 5,000 रॉकेट दागे थे. इतना ही नहीं, इजरायल में घुसपैठ की और कुछ सैन्य वाहनों पर कब्जा कर लिया था. इस जंग में दोनों ओर के सैकड़ों लोगों की मौत हो गई.
इजरायल की ओर से गाजा पट्टी पर लगातार बमबारी की जा रही है. वहीं, फिलिस्तीन में हमास के लड़ाके भी शांत अबतक नहीं पड़े हैं. वो इजरायल पर अभी भी तीन मोर्चे से अटैक कर रहे हैं. लेबनान, समंदर से सटे इलाके और इजिप्ट से सटे साउथ गाजा से रॉकेट और मिसाइलें दागी जा रही हैं.
लाखों लोगों ने गाजा से किया पलायन
7 अक्टूबर को शुरू हुए इस युद्ध के बाद अब तक गाजा में 22 हजार से ज्यादा इमारतें तबाह हो गई हैं. इस दौरान 10 अस्पतालों और 48 स्कूलों पर इजरायल ने बमबारी की. गाजा में अब तक मरने वालों की संख्या 2215 हो गई है. इनमें 724 बच्चे शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, गाजा में तीन लाख से ज्यादा लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.