इजरायल-हमास जंग के बीच पीएम मोदी ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से फोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं ने गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य हमलों और इसके नुकसान को लेकर चर्चा की. इसके साथ ही गाजा के लोगों की सुरक्षा को लेकर भी दोनों नेताओं ने बात की.
मिस्र के राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने बताया कि प्रेसिडेंट ने संघर्ष विराम की दिशा में क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के लिए मिस्र की ओर से प्रयास जारी रखने की बात की. साथ ही आह्वान किया कि गाजा पट्टी पर जमीनी हमले के परिणाम बेहद गंभीर होंगे. मिस्र के राष्ट्रपति ने इस बात पर भी चिंता जताई कि इससे मानवीय हालात और ज्यादा बिगड़ जाएंगे. लिहाजा इसके लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने होंगे.
बिना रुकावट गाजा में पहुंचे मानवीय सहायता
मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सिसी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के अनुसार राजनयिक स्तर पर इस जंग के समाधान खोजना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर इस दिशा में तुरंत कदम उठाया जाता है तो संघर्ष विराम मानवीय जीवन बच जाएगा. राष्ट्रपित फतह ने कहा कि मानवीय सहायता को तुरंत और बिना किसी रुकावट के हिंसा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाया जाना चाहिए. साथ ही दोनों नेताओं ने मिस्र और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों और बेहतरीन रणनीतिक साझेदारी पर संतुष्टि जताई. दोनों मित्र देशों के बीच आपसी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया.
गाजा पट्टी में अबतक 7600 से ज्यादा मौत
इजरायल के हमलों के बीच गाजा पट्टी का दावा है कि गाजा में मरने वालों की संख्या 7,650 हो गई है. हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि 3 सप्ताह पहले गाजा पट्टी पर इजरायल की बमबारी शुरू होने के बाद से गाजा में मरने वालों की संख्या 7,650 हो गई और 19,450 घायल हो गए हैं.
जमीनी हमले के विनाशकारी परिणाम होंगे
वहीं, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने गाजा पट्टी में बड़े पैमाने पर जमीनी अभियानों के विनाशकारी परिणामों की चेतावनी दी है. वोल्कर तुर्क ने कहा कि अब तक जितने युद्ध हुए हैं, उसे देखते हुए मैं ये कह सकता हूं कि वर्तमान में गाजा में चल रही जंग सबसे भयावह है. क्योंकि यहां बड़े पैमाने पर जमीनी सैन्य ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. इससे विनाशकारी परिणाम सामने आएंगे. उन्होंने कहा कि इसका नतीजा ये होगा कि मैं हजारों लोगों के मारे जाने की आशंका जता रहा हूं. वोल्कर ने इस जंग को खत्म करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाने का आह्वान किया.
तुर्की ने की हमास पर हमले की निंदा, इजरायल ने किया पलटवार
वहीं, तुर्की ने भी हमास पर इजरायल के सैन्य हमले की कड़ी निंदा की है. साथ ही कहा कि इजरायली और फिलिस्तीनी बलों के बीच तत्काल युद्धविराम का भी आह्वान किया और कहा कि मुस्लिम देशों को क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए. तुर्की के इस बयान पर पलटवार करते हुए इजरायल के विदेश मंत्री एली कोहेन ने कहा कि तुर्की के साथ हमें राजनयिक संबंधों का पुनर्मूल्यांकन करना होगा. उन्होंने तुर्की में तैनात इज़रायली राजनयिकों को इज़रायल लौटने का आदेश दिया है. पिछले हफ्ते इजरायल ने अपने राजनयिकों को तुर्की से वापस बुला लिया था, क्योंकि तुर्की ने आतंकवादी खतरों के कारण इचरायली नागरिकों को भी देश छोड़ने के लिए कहा था.