सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को बिलकिस बानो के मामले पर सुनवाई हुई. बिलकिस बानो के मामले का भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के सामने दो बार उल्लेख किया गया था. अनुरोधों के बाद, उसके द्वारा दायर दोनों याचिकाओं को मंगलवार को अदालत की दो अलग-अलग पीठों के सामने लिस्ट किया गया.
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बेला त्रिवेदी ने मंगलवार को रिट याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया और मामले को उस बेंच के सामने सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया, जिसका वह हिस्सा नहीं थीं. इसके बाद, भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की.
वकील ने दलील दी कि मामले की सुनवाई मंगलवार को नहीं हुई क्योंकि एक जज ने खुद को अलग कर लिया. सीजेआई ने कहा, 'हर समय इस मामले का जिक्र न करें. यह बहुत परेशान करने वाला है. हर दिन आप एक ही मामले का जिक्र करते हैं.'
जज बोले- हम मामले को लिस्ट करेंगे
तब बिल्किस बानो की तरफ से पेश वकील शोभा गुप्ता ने कहा कि मैं इस मामले में पुनर्विचार याचिका पर नहीं बल्कि रिट के मसले को रखना चाहती हूं. CJI ने कहा अभी नहीं. हम मामले को लिस्ट करेंगे.
जजों ने खुद को किया मामले से अलग
बता दें कि बिलकिस बानो द्वारा दायर रिट याचिका को पहली बार मंगलवार को जस्टिस अजय रस्तोगी और बेला त्रिवेदी की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था. जब मामले को खारिज कर दिया गया, तो पीठ ने मामले को किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया, जिसमें न्यायमूर्ति त्रिवेदी शामिल नहीं थे.
बिलकिस बानो ने दायर की है पुनर्विचार याचिका
बिलकिस बानो ने सुप्रीम कोर्ट के मई 2022 के आदेश की समीक्षा के लिए एक पुनर्विचार याचिका भी दायर की है जिसमें गैंगरेप और हत्या के आरोपी 11 लोगों को जमानत दी गई थी. इसी मामले में दोबारा याचिका दायर कर दोषियों को वापस जेल भेजने की मांग की है. इस मामले को बुधवार को चैंबर्स में जस्टिस अजय रस्तोगी और विक्रम नाथ के समक्ष भी सूचीबद्ध किया गया था.