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महुआ मोइत्रा के खिलाफ जय देहाद्राई ने वापस लिया मानहानि केस, कहा- कोर्ट के सुझाव के बाद लिया फैसला

जय देहाद्राई ने कहा कि उन्होंने जस्टि प्रतीक जालान द्वारा दोनों पक्षों को दिए गए सुझाव के सम्मान में मोइत्रा के खिलाफ अपना मानहानि का मुकदमा वापस ले लिया है, जबकि देहाद्राई के वकील ने शुरू में कहा था कि अगर महुआ मोइत्रा की ओर से यह बयान दिया जाता है कि उनके (देहाद्राई) खिलाफ कोई गलत बयान नहीं दिया जाएगा, तो वे मुकदमा वापस ले लेंगे.

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महुआ मोइत्रा (फाइल फोटो- पीटीआई)
महुआ मोइत्रा (फाइल फोटो- पीटीआई)

वकील जयअनंत देहाद्राई ने TMC नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल किए गए मानहानि केस को वापस ले लिया है. देहाद्राई ने पिछले साल महुआ मोइत्रा पर संसद में सवाल पूछने के लिए कारोबारी और हीरानंदानी ग्रुप के सीईओ दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत लेने का आरोप लगाया था, जिसके कारण उन्हें 8 दिसंबर को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था.

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पिछली सुनवाई में भी जस्टिस प्रतीक जालान की बेंच ने देहाद्राई और महुआ मोइत्रा दोनों से कहा था कि उन्होंने एक-दूसरे के खिलाफ अपने आरोपों पर सार्वजनिक चर्चा को काफी निचले स्तर पर ला दिया है. इसके साथ ही आज भी अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों से कहा कि क्या इस विवाद को रोकने का कोई रास्ता है.

आजतक से खास बातचीत करते हुए जय देहाद्राई ने कहा कि उन्होंने जस्टि प्रतीक जालान द्वारा दोनों पक्षों को दिए गए सुझाव के सम्मान में मोइत्रा के खिलाफ अपना मानहानि का मुकदमा वापस ले लिया है, जबकि देहाद्राई के वकील ने शुरू में कहा था कि अगर महुआ मोइत्रा की ओर से यह बयान दिया जाता है कि उनके (देहाद्राई) खिलाफ कोई गलत बयान नहीं दिया जाएगा, तो वे मुकदमा वापस ले लेंगे. लिहाजा देहाद्राई ने मानहानि का मुकदमा बिना शर्त वापस लेने का फैसला किया है.

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कोर्ट ने पिछली सुनवाई में दी थी वॉर्निंग

पिछली बार कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों से कहा था कि वे अपने मुवक्किलों को सावधान रहने की सलाह दें. इसमें कहा गया कि महुआ मोइत्रा और जय अनंत देहाद्राई के बीच जो सार्वजनिक युद्ध चल रहा है, उससे किसी को फायदा नहीं होगा. अदालत ने महुआ मोइत्रा के वकील को चेतावनी देते हुए कहा था कि उन्हें सावधान रहना होगा और अगर उन्होंने जानबूझकर गलत बयान दिए तो अदालत को उन पर निषेधाज्ञा लगानी होगी. अदालत ने देहाद्राई के वकील को चेतावनी दी थी.

देहाद्राई ने क्यों किया था मानहानि केस?

बता दें कि अपनी याचिका में देहाद्राई ने कहा था कि महुआ मोइत्रा ने उनके बारे में झूठे और अपमानजनक बयान दिए, क्योंकि उन्होंने मोइत्रा पर गंभीर आरोप लगाए थे कि उन्हें लोकसभा में सवाल पूछने के बदले एक कारोराबी से कैश और गिफ्ट मिले थे. उनकी याचिका में कहा गया था कि टीएमसी नेता ने उन्हें ऐसे व्यक्ति के रूप में चित्रित किया है जो एक असफल व्यक्तिगत रिश्ते के कारण कड़वा हो गया है और अब बदला लेने के लिए झूठी शिकायतें दर्ज कर रहा है.

महुआ पर लगे थे ये आरोप

देहाद्रई ने ही महुआ मोइत्रा पर ‘पैसे के बदले सवाल पूछने’ का आरोप लगाकर सुप्रीम कोर्ट में एक एफिडेविट फाइल की थी. वकील जय अनंत देहाद्रई की सूचना के आधार पर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर टीमएसी सांसद मोइत्रा के संसदीय आचरण की जांच कराने की मांग की थी.

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