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'370 हटने के बाद बदले हुए कश्मीर को वो भी देख रहे हैं...', PoK विवाद पर बोले जयशंकर

जयशंकर ने कोलकाता में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज, पीओके में हलचल काफी बढ़ गई है. इसका विश्लेषण करना जटिल है लेकिन यकीनन मुझे कोई संदेह नहीं है कि पीओके में रह रहा कोई भी शख्स जम्मू कश्मीर में रह रहे लोगों से अपने जीवन की तुलना कर रहा होगा. वे देखते होंगे कि जम्मू कश्मीर के लोग प्रगति कर रहे हैं.

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विदेश मंत्री एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर

इस समय पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Pok) के हालात बहुत तनावपूर्ण बने हुए हैं. वहां लगातार बिजली और आटे सहित जरूरी सामानों के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद से लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने पीओके को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

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जयशंकर ने कोलकाता में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज, पीओके में हलचल काफी बढ़ गई है. इसका विश्लेषण करना जटिल है लेकिन यकीनन मुझे कोई संदेह नहीं है कि पीओके में रह रहा कोई भी शख्स जम्मू कश्मीर में रह रहे लोगों से अपने जीवन की तुलना कर रहा होगा. वे देखते होंगे कि जम्मू कश्मीर के लोग प्रगति कर रहे हैं. वे महसूस कर रहे होंगे कि उनके साथ बुरा व्यवहार हो रहा है, उनके साथ भेदभाव हो रहा है. वे कब्जे में जी रहे हैं. 

जयशंकर ने कहा कि पीओके हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है और रहेगा. जब तक जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 नहीं हटाया गया था, तब तक पीओके को लेकर ज्यादा चर्चा नहीं होती थी. 

उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में पश्चिमी देशों ने हम पर दबाव बनाया, जिसके बाद संसद ने सर्वसम्मति से पीओके को लेकर एक प्रस्ताव पारित कर दिया था. अब हम असल में आर्टिकल 370 से आगे बढ़े हैं और संविधान के इस अस्थाई प्रावधान को खत्म कर दिया है. आर्टिकल 370 एक अस्थाई प्रावधान है और इसे इतने लंब समय तक लागू नहीं रखना चाहिए था. यह एक तरह से अलगाववाद, हिंसा और आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा था. 

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पीओके में क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Pok) में बढ़ती महंगाई को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. यहां स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से जरूरी चीजों के दाम बढ़ने और टैक्स में बढ़ोतरी के खिलाफ पीओके में सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारियों और वकीलों द्वारा गठित संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी ने राजधानी मुजफ्फराबाद तक मार्च किया.

बीते दिनों भी लाखों प्रदर्शनकारियों न मुजफ्फराबाद की ओर लॉन्ग मार्च जारी रखा. पुलिस ने इस मार्च को रोकने के लिए बल प्रयोग किया है, जिसके कारण प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हो गईं. रविवार को भीड़ में किसी ने पुलिस के एसआई अदनान कुरेशी की गोली मारकर हत्या कर दी. मरने वालों की संख्या तीन हो गई है. इनमें दो प्रदर्शनकारी और एक एसआई शामिल है. झड़प में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.

बिजली और अन्य जरूरी सामान के दाम में बढ़ोतरी के बाद ये प्रदर्शन शुरू किए हैं. इन प्रदर्शनों के मद्देनजर शहबाज शरीफ सरकार ने पीओके को तत्काल प्रभाव से 23 अरब रुपये का बजट मंजूर किया है. शहबाज शरीफ के साथ बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद पीओके के प्रधानमंत्री हक ने बिजली दरों में कटौती की घोषणा की थी. हक ने कहा कि स्थानीय निवासी पिछले कुछ दिनों से सस्ती बिजली और आटा पर सब्सिडी की मांग उठा रहे हैं.

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इस घटना के सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में स्थानीय लोगों की पुलिस के साथ झड़प देखी जा सकती है. कुछ वीडियो में आजादी के नारे लगाए जा रहे हैं. पाकिस्तान के खिलाफ कुछ प्रदर्शनकारी आजादी के नारे लगा रहे हैं. 

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