जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में चुनाव होने के बाद राष्ट्रपति शासन हट गया है और उमर अब्दुल्ला प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, उमर अब्दुल्ला सरकार के शपथ ग्रहण के बाद जम्मू-कश्मीर की खाली हुई चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे. उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन आसानी से तीन सीटें निकाल लेगा. नेशनल कॉन्फ्रेंस, पार्टी के संरक्षक डॉ. फारूक अब्दुल्ला को राज्यसभा के लिए मनोनीत कर सकती है.
वहीं, 29 विधायकों के साथ दूसरी सबसे ज्यादा संख्या वाली बीजेपी आसानी से 1 राज्यसभा सीट निकाल लेगी. बीजेपी अपने एक सीनियर लीडर को राज्यसभा भेजेगी. बता दें कि पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह और कविंदर गुप्ता, जिन्हें विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया गया था, राज्यसभा नामांकन की दौड़ में सबसे आगे हैं.
कैसा रहा विधानसभा चुनाव का परिणाम?
जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन ने जीत हासिल की. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 और कांग्रेस ने 6 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, बीजेपी 29 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही. महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी.
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कितना रहा वोट प्रतिशत?
बाकी पार्टियों के वोट शेयर की बात की जाए तो AAP का वोट शेयर 0.52 प्रतिशत, AIFB का 0.02, BJP का 25.64, BSP का 0.96, CPI(M) का 0.59, INC का 11.97, JD(U) का 0.13, JKN का 23.43, JKNPPB का 0.13, JKNPPI का 1.16, JKPDP का 8.87, NCP का 0.03, RASLJP का 0.02, SHS (UBT) का 0.05, SHSUBT का 0.00, SP का 0.14 और अन्य का 24.83 फीसदी रहा.
जम्मू-कश्मीर में हुई 63.45 फीसदी वोटिंग
जम्मू-कश्मीर में 90 विधानसभा सीटों पर तीन फेज में वोटिंग हुई थी. यहां पहले चरण के तहत 18 सितंबर, दूसरे चरण में 25 सितंबर और तीसरे चरण के तहत 1 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी. तीनों फेज में मिलाकर 63.45 फीसदी वोटिंग हुई थी. इस बार नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने गठबंधन में चुनाव लड़ा, जबकि महबूबा मुफ्ती की पीडीपी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने दम पर अकेले ताल ठोक रहे थे.